आईआईटी का 55वां स्थापना दिवस समारोह रविवार को धूमधाम से मनाया गया। डायरेक्टर प्रो. इंद्रनील मन्ना ने संस्थान की उपलब्धि बताई और कहा कि इस बार पीजी एजूकेशन और रिसर्च पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की मौजूदगी में फिनलैंड से छह समझौते हुए हैं। स्टूडेंट्स ओरिएंटेड प्रोग्राम, रिसर्च और स्टूडेंट्स-फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम पर ज्यादा फोकस है। साथ ही तमाम विज्ञानी और पूर्व छात्रों को अवार्ड दिया गया।
आईआईटी की स्थापना दो नवंबर 1959 को हुई थी। पहला निदेशक प्रो. पीके केलकर को बनाया गया। तब 100 स्टूडेंट्स का बैच था। अब 6200 से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं।
कार्यवाहक रजिस्ट्रार डॉ. आरके सचान ने बताया कि पूर्व निदेशक और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित प्रो. संजय गोविंद धांडे, आईआईएसईआर मोहाली के निदेशक प्रो. एन सत्यमूर्ति, प्रो. टीवीएस प्रभाकर और प्रो. राम मोहन राव को फेलो अवार्ड देने का ऐलान किया गया। प्रो. धांडे कानपुर नहीं पहुंच सके। प्रो. एन सत्यमूर्ति से सहित अन्य विज्ञानियों को सम्मानित किया गया है। आईआईटी से निकलने वाले दीपांकर दास शर्मा को पूर्व छात्र का अवार्ड मिला।