वैश्वीकरण के युग ने देश-विदेश की सीमाओं को परे रख कर लोगों को एक दूसरे से जुड़ने का बड़ा मौका दिया है। सूचना और संचार तकनीक के क्षेत्र में जिस तेजी से बढ़ोतरी हो रही है उसने दुनिया भर के लोगों के बीच संपर्क को औऱ बढ़ा दिया है। खासकर विश्वविद्यालयों को किस तरह उच्चस्तरीय शिक्षा प्रदान करनी चाहिए, इस पर भी गौर किया है।
सैटेलाइट और ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम दुनिया को ऑडियो और वीडियो के जरिए एक तार में पिरो दिया है। ग्लोबल इनफॉर्मेशन सुपरहाइवे बनाए गए हैं जिनमें सोशल वेबसाइट भी शामिल हैं। इनके कारण सूचना का प्रसार औऱ ज्ञान तेजी से फैल रहा है।
ऐसी दिलचस्प स्थितियों में भला कोई अकेला और निस्पृह कैसे रह सकता है। लेकिन यह अवसरों के साथ साथ खतरे भी पैदा कर रहा है। केवल वे ही इससे बच पाएंगे जो अपने आप को हर स्थिति में प्रयोग की बदौलत उन्नत करेंगे।
''हमारे लिए सबसे बड़ा खतरा यह नहीं है कि हमारा लक्ष्य ऊंचा है और हम उस तक नहीं पहुंच पाते, बल्कि यह है कि वह इतना नीचा है कि हम आसानी से पहुंच जाते हैं।'' सर माइकल एंजेलो के ये शब्द जीएलए यूनिवर्सिटी के लिए प्रेरणादायक बन चुके हैं।
अपने 17वें साल में हालांकि जीएलए ने उच्च स्तरीय शिक्षा में पहचान बना ली और कई राष्ट्रीय संस्थाओं से इसे बेस्ट विश्वविद्यालय घोषित किया जा चुका है, लेकिन जीएलए खुद से मुकाबला करना चाहता है औऱ अब अपना लक्ष्य पहले से कहीं ज्यादा ऊपर तय कर लिया है।
जीएलए प्रबंधन का कहना है कि संस्थान अपने छात्र-छात्राओं को कम फीस में बेहतर और विश्वस्तरीय शिक्षा देना चाहता है। संस्थान के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'स्टडीज अब्रॉड' यानी विदेश में पढ़ाई की पहल से कई छात्रों को चमकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय पटल मिला है। जीएलए के ही अभिमन्यू त्रिपाठी ने VLSI विशेषज्ञता के मास्टर प्रोगाम करने के लिए कैलीफॉर्निया स्टेट विश्वविद्यालय में दाखिला लिया और अभिमन्यू ने वहां बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
इंटरनेशनल असेंबली ऑफ कॉलेजियट बिजनेस एजुकेशन, यूएसए के सदस्य होने के नाते प्रबंधक डॉ ए.के गुप्ता और इंटरनेशनल रिलेशन मैनेजर आर पी अग्रवाल ने नीदरलैंड के मास स्ट्रीट स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में हुए दो दिन के सम्मेलन में हिस्सा लिया। यह सम्मेलन 23 और 23 अक्टूबर को हुआ।
सम्मेलन का मुख्य आधार था 'ग्लोबल एजुकेशन एंड अकैडमिक पार्टनरशिप' यानी वैश्विक शिक्षा और शैक्षिक साझेदारी। इस सम्मेलन के दौरान ऐसी संभावित स्थितियों की खोज की गई जिनके आधार पर जीएलए यूनिवर्सिटी विश्व के दूसरे विश्वविद्यालयों के साथ मिल कर शैक्षिक साझेदारी बढ़ा सकती है।
इसी के तहत जीएलए अपने बिजनेस प्रोग्राम को और ज्यादा उन्नत करने के लिए आईएसीबीई से मान्यता प्राप्त करने के करीब है।
जीएलए का कहना है कि संस्थान के छात्रों को अच्छे अच्छे प्लेसमेंट मिल रहे हैं। कई प्रतिष्ठित कंपनियां जीएलए में कैंपस इंटरव्यू के बाद जीएलए के होनहार छात्रों को नौकरी के बेहतर पैकेज दे रही हैं। जीएलए के शिक्षक बच्चों को और प्रोस्ताहित करते हैं ताकि वे अपने कम्फॉर्ट जोन से बाहर आ कर कुछ चुनौतीपूर्ण लक्ष्य पूरे कर सकें।
जीएलए एक जिम्मेदार संगठित नागरिक की तरह है और अव्वल दर्जे की शिक्षा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही इस बात का ख्याल रखती है कि देस वातावरण और प्राकृतिक संसाधनों को बचाया जा सके।