दिल्ली विश्वविद्यालय का भूगोल विभाग विज्ञान एवं तकनीकी शब्दावली आयोग के साथ मिल कर एक डिक्शनरी (शब्दकोष) तैयार कर रहा है। इसकी खास बात यह है कि इसमें अर्थों के साथ उनकी परिभाषा को भी शामिल किया गया है। शब्दावली को प्रकाशित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यह जल्द ही छात्रों को उपलब्ध होगी।
डीयू का भूगोल विभाग विज्ञान एवं तकनीकी शब्दावली आयोग के साथ मिलकर जलवायु विज्ञान के लिए डिक्शनरी बनाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। अब तक इसके लिए 1700 शब्दों को पहचाना जा चुका है और उनके अर्थ के साथ परिभाषा तैयार कर ली गई है। अब इन्हें संशोधित किया जा रहा है। इसमें बाहर के विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा।
अभी तक पर्यावरण के अंतर्गत ही जलवायु विज्ञान को शामिल कर अर्थ दिए जाते हैं, जिसके कारण सटीक अर्थ नहीं पता चल पाते। दुनिया में लगातार जलवायु परिवर्तन हो रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में जलवायु विज्ञान से संबंधित कोर्स स्कूल और कॉलेज स्तर पर शुरू होंगे। संभव है, पीजी स्तर के कोर्स भी शुरू हों। ऐसे में इस एक विषय के लिए शब्दों की परिभाषा होना जरूरी है।
जलवायु विज्ञान के शब्दों के अर्थ के साथ ही उनकी परिभाषा भी इसमें बताई जाएगी। भूगोल विभाग विज्ञान और तकनीकी शब्दावली आयोग के साथ कर रहा काम।
‘हिंदी माध्यम के छात्रों को मिलेगा लाभ’
भूगोल विभाग के प्रमुख आरबी सिंह का कहना है कि मौजूदा दौर में जलवायु विज्ञान का महत्व बढ़ गया है, लिहाजा इसके लिए पारिभाषिक शब्दावली तैयार हो रही है। इसके उपलब्ध होने से हिंदी माध्यम से पढ़ने वाले छात्रों को लाभ होगा। उन्होंने दावा किया कि देश में जलवायु विज्ञान की यह पहली डिक्शनरी होगी, जिसमें शब्दों के अर्थ के साथ उन्हें परिभाषित भी किया गया है। अभी केवल शब्दकोष ही उपलब्ध है, वह भी जलवायु विज्ञान पर नहीं है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इसके लिए समय निर्धारित करना मुश्किल है। बेसिक तैयार हो चुका है बस अब उसे संशोधित किया जा रहा है।