डॉक्टर बनने की राह देख रहे युवाओँ के लिए खुशखबरी है। केंद्र सरकार मेडिकल सीटें बढ़ाने और नए मेडिकल कॉलेज खोलने पर विचार करेगी।
देश में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने मेडिकल अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट सीटों की संख्या बढ़ाने का संकेत दिया है। उन्होंने मंत्रालय संबंधी संसद की परामर्श समिति की पहली बैठक में इस मुद्दे पर कहा कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। इसलिए सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज खोलने के मानदंडों को सरल बनाया जाएगा।
हर्षवर्धन ने कहा कि डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता से किसी तरह समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए नेशनल एलिजबिलिटी कम इंट्रेस टेस्ट ( NEET) की समीक्षा नए सिरे से की जा रही है। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय इसे पिछले साल रद्द कर चुका है लेकिन इसे फिर से पेश करने का विकल्प तलाशा जा रहा है।
स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को राजनीति से अलग रखने के हर्षवर्धन के प्रस्ताव का बैठक में शामिल सभी सदस्यों ने स्वागत किया। जम्मू कश्मीर से पीडीपी की सांसद महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सामान्य स्वास्थ्य के मामलों को लेकर आम जन में जागरूकता का अभाव है। इसलिए सरकार को रियायती और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने पर जोर देना चाहिए। उन्होंने राज्य में ट्रॉमा सेंटर बनाने का अनुरोध भी किया। जबकि उत्तर प्रदेश से भाजपा सांसद रेखा वर्मा ने भी राज्य में ट्रॉमा सेंटर खोलने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्य में हाईवे की संख्या ज्यादा है और वहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। इसलिए प्रदेश में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण जरूरी है।