यूनाइटेड किंगडम की एक महिला क्लाडिया मार्टिस को नवजात के मुंह में टॉयटेल पेपर ठूसकर हत्या करने का दोषी पाया गया है। इतना ही नहीं इस महिला ने मौत के बाद इस बच्ची की लाश को एक सूटकेस में छुपा दिया था।
गौरतलब है कि इस महिला ने पिछले साल ही अपनी बच्ची को जन्म दिया था। अब इस मामले पर ज्यूरी ने अहम फैसला सुना दिया है। ज्यूरी ने क्लाडिया मार्टिस को हत्या के आरोप से तो बरी कर दिया, लेकिन ज्यूरी ने इस महिला को लापरवाही के कारण हुई हत्या का दोषी पाया है।
ब्रिस्टल क्रॉउन कोर्ट में सुनवाई के दौरान ज्यूरी ने कहा कि इस महिला ने पिछले साल 12 सितंबर को ब्रिस्टल में एक बच्ची को जन्म दिया था। इस दौरन यह महिला नाउले में अपनी बहन के घर पर अकेली थी। इतना ही नहीं ज्यूरी ने यह भी कहा कि इस महिला ने अपनी प्रेगनेंसी को अपने दोस्तों और परिवार से भी छुपाया था।
क्लाडिया बोली उसने बच्ची को नहीं मारा
क्लाडिया को जख्मी हालत में देख उसके दोस्तों ने तुरंत डॉक्टरों से संपर्क
किया। दोस्तों के मुताबिक क्लाडिया बॉथ टब में बैठी हुई थी और उसके आसपास
खून ही खून था।
उसके दोस्त उसे तुरंत पास के अस्पताल ले गए। करीब दो
दिन बाद क्लाउडिया की बहन को अपने घर से कुछ अजीब सी महक का अहसास हुआ।
उसने तुरंत पुलिस को बुलाया। पुलिस ने पूरे घर की तलाशी लेने के बाद एक
सूटकेस में से नवजात बच्ची का शव बरामद कर लिया।
पुलिस जांच में पता चला है कि क्लाडिया का आईक्यू लेवल बेहद कम है। गिरफ्तारी के बाद उसने कबूल कर लिया कि उसने इस बच्ची को जन्म दिया था, हालांकि उसने यह भी कहा कि यह बच्ची मरी हुई पैदा हुई थी।
पोस्टमॉर्टम में बच्ची के मुंह से काफी सारे टॉयलेट पेपर के टुकड़े पाए गए। डॉक्टरों ने बताया कि ये पेपर बच्ची के मुंह में जबरन ठूसे गए जान पड़ते हैं। मूलत: मोजाबिंक की रहने वाली क्लाडिया जो पुर्तगाल में शिफ्ट हो गई थी और वह दो रूम के फ्लैट में अपनी बहन के साथ रहती थी। इस घर में उसकी बहन के साथ पांच बच्चे भी रहते थे।
ज्यरी ने क्लाडिया का पक्ष भी सुना। उसने कोर्ट को बताया, "मैने अपनी बच्ची को नहीं मारा। मैने उसके मुंह में टॉयलेट पेपर नहीं ठूंसे, मैने उसकी हत्या नहीं की, नहीं मैने अपनी बेटी को नहीं मारा।" ज्यूरी ने क्लाडिया का बयान सुनने के बाद उसे कोर्ट से बाहर भेज दिया।