आगरा के शमसाबाद के गांव हिरनेर में रिश्ते के देवर से पांच हजार रुपये की उधारी का तगादा करने पर महिला को जिंदा जला दिया गया। 12 दिन बाद इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने देवर, चचिया सास-ससुर सहित चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। घटना के बाद से आरोपी फरार हैं।
गांव हिरनेर निवासी महिपाल सिंह गांव से बाहर रहकर बेलदारी करता है। उसकी पत्नी सत्यवती (32), बेटी पूजा (9), कुलदीप (6) और मनीष (2) गांव में ही रहते हैं।
महिपाल सिंह ने बताया कि उनके पड़ोस में रिश्ते के चाचा मिश्रीलाल का परिवार रहता है। चचेरा भाई मनोज उर्फ टुल्लका ने दो महीने पहले पांच हजार रुपये उधार लिए थे। कहा था कि उसका मकान बनने वाला है। महिपाल अपनी बुआ के यहां ग्राम डहर के पुरा में काम करने चला गया।
घर में घुसकर लगाई आग
दो जुलाई की सुबह तकरीबन साढ़े छह बजे सत्यवती घर में अकेली थीं। बच्चे शौच के लिए चले गए। तभी मनोज घर आया। सत्यवती ने उससे तगादा कर दिया। आरोप है कि इससे नाराज होकर मनोज चला गया और अपने भाई विनोद, पिता महिपाल सिंह, मां हरदेवी के साथ फिर घर में घुस आया।
चारों ने सत्यवती को मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी और भाग निकले। चीखपुकार सुनकर पड़ोसी एवरन सिंह पहुंचे। उन्होंने आग बुझाकर अन्य लोगों की मदद से सत्यवती को निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
वह 80 प्रतिशत तक झुलस गईं। रविवार को हालत बिगड़ने पर एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया, जहां मंगलवार तड़के चार बजे उनकी मौत हो गई।
मदद करना ही भारी पड़ा
फतेहपुर सीकरी के मंडी मिर्जा खां निवासी सत्यवती की शादी 10 साल पहले महीपाल से हुई थी। उसकी मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है। सत्यवती के परिवार के मनोज के परिवार से घनिष्ठ संबंध थे। परिवारीजनों का कहना था कि मदद करना ही उन्हें भारी पड़ गया।
महिला को जिंदा जलाने के मामले में पुलिस ने लापरवाही बरती। पीड़ित जब थाने पहुंचे तो उन्हें भगा दिया गया। 11 दिन बाद पीड़ित की तहरीर पर 307 में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि मुकदमा हत्या में तरमीम किया जाएगा।
महिपाल सिंह ने बताया कि मनोज दबंग किस्म का है। सत्यवती को जलाने के बाद भी परिवार सहित गांव में रुका रहा। पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया तो उसका हौसला और बढ़ गया। उसने धमकाना शुरू कर दिया। मुकदमा दर्ज नहीं कराने की धमकी दी