गौ वंशीय पशुओं से भरे एक ट्रक पर कब्जे को लेकर रविवार देर रात बिलारी और रजपुरा पुलिस के बीच टकराव हो गया। रजपुरा थाने के दो सिपाही चेकिंग के दौरान पकड़े गए ट्रक में भरे पशुओं को कुंदरकी की गौशाला में छोड़ने आ रहे थे।
रास्ते में बिलारी पुलिस के सिपाहियों ने रोककर ट्रक कब्जे में ले लिया। इस पर दोनों थानों के सिपाही भिड़ गए। रायफलें तन गईं। रजपुरा के सिपाही डरकर यहां से भाग गए और बनियाठेर थाने में शरण ली।
उच्चाधिकारियों के पहुंचने के बाद हड़कंप मच गया। रजपुरा से तमाम सिपाही जुट गए। जांच के बाद बिलारी के तीन दरोगा और पांच सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
सिपाहियों पर होगी कार्रवाई
रजपुरा पुलिस ने रविवार को केसरपुर तिराहे के पास 38 गौवंशीय पशुओं से भरा ट्रक पकड़ा था। चालक और हेल्पर फरार हो गए थे। देर रात थाने के दो सिपाही महीपाल सिंह यादव और जसवंत सिंह ट्रक में भरे पशुओं को कुंदरकी की गौशाला में छोड़ने निकले।
रात दो बजे जब वह बिलारी के अमरपुर काशी गांव के पास पहुंचे तो वहां बिलारी थाने के एक दरोगा व दो सिपाहियों ने चेकिंग के दौरान ट्रक रोक लिया। रजपुरा के सिपाही महीपाल ने बिलारी पुलिस को बताया कि गौवंशीय पशुओं का ट्रक रजपुरा पुलिस ने पकड़ा है और वे ट्रक में भरे पशुओं को कुंदरकी की एक गौशाला में छोड़ने जा रहे हैं।
आरोप है कि तब बिलारी के दरोगा और बाकी पुलिस वालों ने महिपाल व जसवंत को जबरन ट्रक से उतार दिया। विरोध पर दोनों पक्षों में रायफलें तन गईं। बिलारी पुलिस ने गोली मारने की धमकी भी दी। एक सिपाही ट्रक थांवला ले गया।
किसी तरह महीपाल व जसवंत बनियाठेर थाने पहुंचे और रजपुरा एसओ व सीओ बिलारी को सूचना दी। सीओ बिलारी राजेंद्रपाल सिंह, एसओ रजपुरा आ गए। दोनों जिलों के कप्तानों को जानकारी दी गई। तब हड़कंप मचा। पता लगा कि सिपाही ने थांवला में जानवर बांट दिए थे। उन्हें तुरंत एकत्र करके ट्रक रजपुरा पुलिस को सौंपा गया।
सीओ ने बताया कि जांच के बाद बिलारी के तीन दरोगा वीरेश कुमार, सुरजीत सिंह व सुभाष यादव और पांच सिपाहियों मनीष, गौरव, राजकुमार, आनंद व गौतम के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। वहीं एसएसपी धर्मवीर ने अनुशासनहीनता पर सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।