अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश ने एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपहरण कर उसके साथ दुराचार करने के आरोपी, एक तांत्रिक को दस वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंघल ने बताया कि धौलाना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी मनोज ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके भाई का पुत्र काफी समय से बीमार चल रहा था।
उसका उपचार गौतमबुद्धनगर के थाना जारचा के गांव सलारपुर निवासी तांत्रिक मनोज कुमार से कराया गया था। करीब छह माह तक घर पर रहकर उसने भतीजे का उपचार किया था।
7 जून 2012 को तांत्रिक उसके भाई की नाबालिग पुत्री को बहलाकर ले गया और उसके साथ दुराचार किया। 11 जून 2012 को धौलाना-मसूरी मार्ग पर पुत्री बदहवास हालत में बरामद हो गई थी।
परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार त्यागी ने तांत्रिक को दोषी करार देते हुए दस वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा के भी आदेश हैं। इसके अलावा धारा 363 में तीन वर्ष व तीन हजार जुर्माना, 366 में सात वर्ष व पांच हजार के जुर्माने की भी सजा सुनाई है।