लखीपुरा में दो मासूम बच्चियों के साथ उनके चाचा द्वारा ही एक साल तक दुष्कर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बच्चियों का पिता छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रहकर कपड़े बेचने का काम करता है। जबकि दोनों बेटियों को यहां उनकी दादी के पास छोड़ दिया था।
जानकारी होने पर पिता बच्चियों को साथ ले गया लेकिन यहां भी उनकी परेशानी कम न हुई। सौतेली मां ने दोनों का खूब उत्पीड़न किया। गर्म चाकू से दोनों के शरीर को दागा जाता था। करीब 20 दिन पहले बच्चियों के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने उन्हें बचाया और कबीरनगर थाने ले गए।
चाइल्ड केयर सोसायटी को भी सूचना दी गई। सोसायटी की अध्यक्षा रत्ना सिंह ने बच्चियों के माता-पिता और चाचा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रायपुर में रहता है बच्चियों का पिता
लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के लखीपुरा में रहने वाले युवक ने कई साल पहले रायपुर में ही एक युवती से शादी कर ली थी। इनके दो बेटियां भी हुईं। स्थानीय पुलिस के अनुसार बेटी को लेकर दंपति में विवाद रहने लगा तो बेटियों को यहां छोड़ दिया गया। यहां बच्चियों के चाचा अलीम ने दोनों से दुष्कर्म किया।
इसकी जानकारी आरोपी की मां को हुई लेकिन उन्होंने मामले को दबाने के लिए दोनों का उपचार कराकर चुप्पी साध ली। इसके बाद आरोपी करीब एक साल तक दोनों से दुष्कर्म करता रहा।
एक महीने पहले बच्चियों के बुआ ने छत्तीसगढ़ में रह रहे उनके पिता को जानकारी दी। इसके बाद वह आया और नौ वर्ष व सात वर्ष की दोनों बच्चियों को रायपुर लेकर चला गया।
सौतेली मां ने मासूमों को चाकूओं से गोदा
पुलिस ने बताया कि बच्चियों के पिता ने शायद दूसरी शादी कर ली। क्योंकि यहां दोनों को उनकी सगी मां नहीं बल्कि दूसरी औरत मिली। इस सौतेली मां ने दोनों को खूब यातनाएं दीं। एक दिन दोनों की चीखपुकार सुनकर लोगों ने दोनों बच्चियों को सौतेली मां से छुड़ाया और थाने पहुंचाया। इसके बाद ही मामला प्रकाश में आया।
मामले में दोनों बच्चियों ने मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान भी दर्ज करा दिए हैं। मेडिकल में भी दोनों से दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। रविवार दोपहर कबीरनगर थाने की पुलिस पिलोखड़ी चौकी भी आई और मामले को चौकी में स्थानांतरित कर दिया। मेडिकल रिपोर्ट भी पुलिस को सौंप दी है। चौकी इंचार्ज ने बताया कि पुलिस आरोपी की तलाश मे जुट गई है।
बेटियां थीं, तो खुद से कर दिया अलग
पुलिस के अनुसार दो बेटियां पैदा होने के बाद से दंपति में विवाद रहने लगा। इसके चलते ही इन बच्चियों को दादी के पास छोड़ दिया गया। यहां उनके चाचा ने ही उनके साथ घिनौना काम किया।