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ट्रैक्टर से रौंदकर चाचा-भतीजे की हत्या

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मामूली लेनदेन के झगड़े ने ऐसा तूल पकड़ा कि अलीगढ़ जिले में लोधा के गांव जगतपुर में बुधवार सुबह ट्रैक्टर से रौंदकर चाचा-भतीजे की हत्या कर दी, जबकि तीसरा जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
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खास बात है कि यह हमला चाचा-भतीजे पर उस समय किया गया, तब वह खेत में काम कर रहे थे और ट्रैक्टर स्वामी परिवार आपस में झगड़े के बहाने से वहां एकत्रित हुआ। जब भतीजा और उसके दो चाचा बीचबचाव में आए तो उन्हें रौंद दिया गया। हालांकि तीनों को मेडिकल कॉलेज लाया गया, लेकिन वहां दो को मृत घोषित कर दिया। फिलहाल तनाव को देखते हुए गांव में फोर्स तैनात है, जबकि आरोपी पक्ष के घरों से पुरुष गायब हैं।

गांव जगतपुर निवासी ज्वाला सिंह का बेटा लक्ष्मण सिंह (38) और उसके भाई भगवान सिंह (48) और बच्चू बुधवार सुबह सात बजे खेत पर धान की रोपाई से संबंधित काम कर रहे थे। इस दौरान गांव के ही रामू पुत्र केहरी सिंह को ट्रैक्टर सहित खेत की जुताई के लिए बुलाया गया था। रामू वहां खेत जोत रहा था, तभी रामू के तीन अन्य भाई रौदास, सुभाष व कल्लू आ गए, जो रामू से अपने खेत पर लगे इंजन के बंटवारे के विवाद को लेकर झगड़ा करने लगे।
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एक-बार नहीं तीन-चार बार चढ़ाया ट्रैक्टर

इस झगड़े में ज्वाला सिंह का बेटा व दोनों भाई बीचबचाव करने पहुंच गए। इसी दौरान आरोपियों ने ट्रैक्टर और उसमें लगे रूटावीटर से तीनों को रौंद दिया। घायल बच्चू का आरोप है कि उनके ऊपर ट्रैक्टर एक बार नहीं तीन-चार बार चलाया गया। इसके बाद आरोपी ट्रैक्टर लेकर भाग गए, जबकि रूटावीटर खेत में ही छूट गया।

खबर पर ग्रामीण व पुलिस भी आ गई। आनन-फानन सभी को मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां लक्ष्मण व भगवान सिंह को मृत घोषित कर दिया गया। बच्चू का इलाज चल रहा है। ज्वाला सिंह द्वारा दी गई तहरीर में रामू सहित चारों भाइयों को नामजद किया गया है, जिसमें आरोप है कि खेत की जुताई से संबंधित लेनदेन के विवाद में तीन-चार दिन पहले कहासुनी हो गई थी।

इसी कहासुनी में उसके बेटे व भाई की हत्या की गई है। एसपी सिटी पंकज पांडेय के अनुसार इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। नामजद व उनके घरों के पुरुष फरार हैं। उनकी तलाश चल रही है।
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मामूली झगड़े में इतना बड़ा कदम या कोई और रंजिश

बेशक मामूली लेनदेन के झगड़े में हत्या की बात कही जा रही है। मगर यह बात पुलिस के गले नहीं उतर रही। हालांकि पुलिस इस मसले पर जांच कर रही है और यह कहा जा रहा है कि जरूर कोई ऐसी बात रही होगी, जिसके चलते यह हत्याएं की गई हैं। इस विषय में जब ज्वाला सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आरोपी पक्ष भी उन्हीं के खानदान से ताल्लुक रखता है। कभी उनके दिमाग में तो ऐसी कोई रंजिश नहीं है। अगर आरोपी पक्ष अपने जेहन में कोई रंजिश पाले बैठा हो तो कहा नहीं जा सकता। इस बात को लेकर गांव में भी चर्चा दबी जुबां से सुनी गई कि इन परिवारों में पुराना तनाव है। जो अब लेनदेन के विवाद में उभर आया।

एक तरफ करुण क्रंदन तो दूसरी तरफ दहशत
इस दोहरे हत्याकांड के बाद एक तरफ जहां मृतक परिवार में करुण क्रंदन मचा हुआ है, जबकि आरोपी पक्ष की तरफ दहशत का माहौल है। ज्वाला सिंह का बेटा लक्ष्मण अपने पीछे चार मासूम बच्चों को छोड़ गया है, जिनमें तीन बेटी व एक बेटा है। लक्ष्मण की बीवी व परिवार की अन्य महिलाएं खुद को संभाल नहीं पा रही थीं। खुद ज्वाला सिंह भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। उनके सामने उनके बेटे व छोटे भाई की लाश जो पड़ी थीं। दूसरा भाई जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। वहीं आरोपी पक्ष के घरों से पुरुष गायब थे। सिर्फ महिलाएं थीं और उनकी गली में सन्नाटा पसरा हुआ था।
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