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यूपी-बिहार में सप्लाई हो रहे पाकिस्तानी जाली नोट

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पाकिस्तान में छपे 1.95 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ दो तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं। एटीएस ने शुक्रवार को रोडवेज के पास निजी बस स्टैंड से दोनों को दबोचा। पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि वे झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में नकली नोटों की सप्लाई करते हैं।
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पूर्वांचल में वाराणसी, आजमगढ़ और जौनपुर में वे कुछ लोगों को नकली नोट देते हैं। दोनों के खिलाफ सिगरा थाने में केस दर्ज किया गया है। इनके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।

निजी बस से पकड़े गए नकली नोटों के तस्करों में नेजम नगर, रांची (झारखंड) निवासी दानिश अंसारी के पास से पांच-पांच सौ के 136 और जगन्नाथपुरा, रांची निवासी सत्तार अंसारी सत्तार के पास से एक-एक हजार के 127 नकली नोट बरामद किए गए।
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दोनों ने पुलिस को बताया कि खुफिया एजेंसी आईएसआई की सह पर पाकिस्तान में छपे नकली नोट बांग्लादेश, पश्चिम बंगाल होते हुए रांची तक पहुंचाए जाते हैं।

वाराणसी, आजमगढ़ और जौनपुर में हर महीने 25 लाख नकली नोटों की खपत होती है। तस्करों ने इन तीन जिलों के करीब पंद्रह लोगों के नाम एटीएस को बताए हैं। इनमें से कुछ खुद रांची जाकर नोट लाते हैं तो कई बार उन तक नोट पहुंचाए जाते हैं। दानिश कभी-कभी नकली नोट लेकर जाता था।
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पूरा परिवार शामिल है इस धंधे में!

एटीएस को कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि वाराणसी, जौनपुर और आजमगढ़ के कुछ लोग रांची से नकली नोट मंगा रहे हैं। सर्विलांस के  जरिये इनकी बातचीत सुनी जा रही थी। पता चला कि रांची से दो लोग नकली नोट लेकर निजी बस से रोडवेज के पास निजी बस स्टैंड पहुंचने वाले हैं।

सूचना के बाद एटीएस के एसपी संतोष सिंह टीम के साथ तड़के निजी बस स्टैंड पहुंच गए और सुबह करीब साढे़ छह बजे बस आते ही नकली नोटों के दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद एटीएस ने सिगरा थाने में केस दर्ज कराते हुए दोनों आरोपियों को पुलिस के हवाले किया।

एटीएस के हत्थे चढ़ा दानिश का पिता निजाम नकली नोटों का बड़ा सप्लायर है। उसका नेटवर्क पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड तक फैला है। दानिश को यूपी और बिहार का जिम्मा मिला था। वह इन प्रदेशों के तस्करों के संपर्क में रहता था। नोटों की सप्लाई के लिए वह कैरियर का इस्तेमाल करता था।

वाराणसी में वह दूसरी बार खुद नोट लेकर आया था। उसका खास दोस्त सत्तार हमेशा उसके साथ रहता था। दानिश का चाचा भी इसी धंधे में लिप्त है जो गुरुवार को कोलकाता की जेल से छूट कर रांची स्थित घर आया था। दानिश और सत्तार ने पुलिस को बताया कि उन्हें पांच सौ का एक नकली नोट 190 रुपये में मिलता है जिसे वे 235 रुपये में बेचते हैं।
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