कहने को तो दरवाजे की घंटी बजाने पर मेहमान का जी भर कर स्वागत होता है लेकिन एक विदेशी को घंटी बजाने पर जान के लाले पड़ गए।
मामला गोवा के एक गांव मैडारम का है, जहां रूस के 28 वर्षीय शरजी बोगदानोव घूमने आए थे और बिना जानकारी एक घंटी बजाने पर उनकी जान आफत में आ पड़ी।
दरअसल शरजी एक स्थानीय मंदिर में घूमने गए और उन्होंने मंदिर में टंगी घंटी बजा दी। अनजाने में बजाई गई यही घंटी शरजी की जान को भारी पड़ गई, क्योंकि घंटी बजाते ही कई लोग उन्हें पीटने लगे।
दरअसल, मंदिर में उस घंटी को तब ही बजाए जाने का नियम है जब उस क्षेत्र में किसी व्यक्ति की मौत हो जाए।
इस बात से अनभिज्ञ शरजी ने मंदिर की घंटी बजा दी और देखते ही देखते स्थानीय लोग मंदिर में इकट्ठे हो गए। गुस्से में भड़की हुई भीड़ ने एकाएक शरजी की पिटाई करना शुरु कर दी।
भीड़ ने शरजी को डंडों से इतना पीटा कि वो बुरी तरह घायल हो गए। यही नहीं, लोगों ने शरजी को पीटने के बाद वहां उसे घसीटते हुए मंदिर से बाहर फेंक दिया।
इस पिटाई में उनका फोन और बटुआ भी गायब हो गया। किसी तरह पास के एक मेडिकल सेंटर में इलाज के लिए पहुंचे लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। मेडिकल सेंटर में मौजूद डॉक्टरों ने भी उनका इलाज करने से मना कर दिया।
गंभीर रूप से घायल शरजी अधमरी हालात में किसी तरह अपने होटल पहुंचे। पूरी तरह निराश शरजी ने होटल के फोन से अपनी मां को पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया।
अपने बेटे को बचाने शरजी की मां भी फिलहाल गोवा पहुंच चुकी हैं। शरजी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन से अपने वतन वापसी के लिए मदद की गुहार लगाई है।