साइबर ठगों ने हाईकोर्ट के दो अफसरों को चूना लगा दिया। ठगों ने बुधवार को अनुभाग अधिकारी दया राम तथा समीक्षा अधिकारी मिठाई लाल को बैंक का कर्मचारी बनकर फोन किया और पिन नंबर बदलने के नाम पर जानकारियां हासिल कर लीं।
इसके बाद दया राम के खाते से 25 हजार और मिठाई लाल के खाते से 19 हजार रुपये गायब कर दिए गए। दोनों के खातों से रुपये दो मिनट के अंतराल पर निकाले गए। अफसरों ने कैंट थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है।
एसबीआई से बोल रहा हूं?
बैंक कर्मचारी बनकर हाईकोर्ट के कर्मचारी सुरेश यादव, विनय सिंह, सरला मिश्रा, संजय भट्टाचार्य के पास भी बुधवार को फोन किया गया। चारों को कुछ शक हुआ तो उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी। हाईकोर्ट के अफसरों एवं कर्मचारियों को कॉल एक ही मोबाइल नंबर से किया गया।
फोन करने वाले ने खुद को भारतीय स्टेट बैंक का कर्मचारी बताया। कहा कि आपके बचत खाते के एटीएम कार्ड का पिन बदला जाना है। फोन करने वालों की बात सुनकर दोनों अफसर झांसे में आ गए और सारी जानकारी दे दी। अफसरों ने पुलिस को वेबसाइट का नाम भी बताया है जिससे रुपये काटे गए।
उच्च न्यायालय कर्मचारी अधिकारी संघ के महासचिव बृजेश कुमार शुक्ल ने आईजी एलवी एंटनी देवकुमार और एसएसपी उमेश कुमार श्रीवास्तव से जल्द से जल्द घटना के खुलासे की मांग की है। इस साल बैंक का कर्मचारी बनकर लोगों से एकाउंट से संबंधित जानकारियां हासिल कर रुपये उड़ाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसको लेकर पुलिस ने अलर्ट भी जारी किया।
ऐसे बचे फ्रॉड से
-किसी को एटीएम कार्ड नंबर या पिन कोड न बताएं
-कोई जानकारी मांगे तो बैंक या पुलिस को खबर दें
-पिन कोड को समय-समय पर बदलते रहें
-किसी से एकाउंट से संबंधित जानकारियां साझा न करें