मेरठ के कंकरखेड़ा थाने में महिला से मारपीट और अभद्रता के मामले में शनिवार को एसएसपी ने दो दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। साथ ही होमगार्ड को बर्खास्त करने की रिपोर्ट होमगार्ड कमांडेंट को भेज दी।
इस मामले में बैंक कैशियर को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एसएसपी ने यह कार्रवाई पीड़ित महिला से पूछताछ के बाद की।
कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र के जस्सू मोहल्ला निवासी ममता शुक्रवार को खिर्वा रोड स्थित एसबीआई शाखा में पैसे जमा करने गई थी। 100 रुपये कम बताने पर बैंक कैशियर से महिला की कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। महिला ने आरोप लगाया कि कैशियर ने उसके साथ मारपीट और अभद्रता की है।
थाने में गिड़गिड़ाती रही महिला
इस पर कंकरखेड़ा थाने में तैनात महिला दरोगा अमृता यादव, महिला कांस्टेबल मेनका शर्मा और होमगार्ड मनोज कुमार बैंक पहुंचे। पुलिस ने ममता की एक नहीं सुनी। बैंक कैशियर की शिकायत पर महिला पुलिस उसे जीप में डालकर थाने ले गई, जहां उससे जमकर मारपीट की। इस दौरान एसएसआई पवन कुमार ने भी महिला से अभद्रता की।
महिला करीब दो घंटे तक थाने में इंसाफ मांगती रही, लेकिन पुलिस ने एक न सुनी। मामले की जानकारी एसएसपी को दी गई, लेकिन उन्होंने भी कार्रवाई नहीं की।
शनिवार को एसएसपी डीसी दूबे और एसपी सिटी ओमप्रकाश समाधान दिवस पर कंकरखेड़ा थाने पहुंचे। एसएसपी ने महिला से मारपीट और अभद्रता के मामले की जानकारी ली।
100 रुपए के लिए हुई मार पीट दो दरोगा सस्पेंड
प्रकरण की जांच के बाद एसएसपी ने महिला दरोगा अमृता यादव, एसएसआई पवन कुमार, महिला कांस्टेबल मेनका शर्मा को सस्पेंड कर दिया। वहीं, होमगार्ड मनोज कुमार को थाने से हटाकर उसे बर्खास्त करने की रिपोर्ट होमगार्ड कमांडेंट को भेज दी। एसएसपी ने इंस्पेक्टर सुरेंद्र राणा के खिलाफ भी जांच बैठा दी है। इस प्रकरण की जांच एसपी सिटी ओमप्रकाश को सौंपी गई है।
ममता का आरोप है कि वह 22 सौ रुपये बैंक में जमा करने गई थी। लेकिन, कैशियर 21 सौ रुपये बता रहे थे। इस पर दोनों के बीच विवाद हुआ।
बैंक कर्मचारियों ने मामला सुलझाने के बजाए महिला से मारपीट और अभद्रता करते हुए पुलिस को बुलाया। बाकी कसर पुलिस ने पूरी कर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बजाए महिला से ही बर्बरता कर दी।