अलवर राजस्थान निवासी अरविंद यादव, मुकेश यादव और रामेंद्र यादव मथुरा में बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद तीनों के शव हाईवे के किनारे फेंक दिए। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई।
घटना का पता मंगलवार तड़के उस समय चला, जब दिल्ली हाईवे पर अलवर पुल के पास से विकास कालोनी जाने वाले मार्ग पर कुसुम वाटिका के पास नालियों में खून से लथपथ तीन शव लोगों ने पड़े देखे। तीनों के शरीर पर धारदार चाकू से वार किए गए थे और गोली भी मारी गई थी।
बेरहमी से हत्या
शवों के पास ही दो तमंचे, चाकू, खोखा और खून से सना कार का एक सीट कवर भी पड़ा हुआ था।
दोपहर बाद मृतकों की शिनाख्त रामेंद्र यादव (40 ) पुत्र राम किशन यादव, उनके दोस्त अरविंद यादव (32) और मुकेश यादव (30 ) निवासी जाट कॉलोनी हनुमान चौराहा भिवानी रोड अलवर के रूप में हुई।
तलाशी में पुलिस को रामेंद्र यादव के पास से मथुरा के दो युवकों के नाम से जारी राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा के प्रवेश पत्र मिले।
आधा दर्जन पुलिस टीम गठित
पुलिस का कहना है कि तीनों जमीन का कारोबार करने के साथ राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा पास कराकर नौकरी लगवाने का ठेका भी लेते थे। तीनों कार से मथुरा में एक शादी में शामिल होने की बात कहकर घर से निकले थे।
उसके बाद घर नहीं पहुंचे। कार भी गायब है।
सूचना पर आईजी आशुतोष पांडेय, डीआईजी विजय सिंह मीणा, एसएसपी अखिलेश मीणा, सीओ मुकुल द्विवेदी व अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
इसके बाद अधिकारियों ने घटना के खुलासे के लिए बैठक की और स्वाट व सर्विलांस टीम सहित आधा दर्जन टीमें गठित की गई।