कामकाज के सिलसिले में मां अकसर सुबह होते ही बाहर चली जाती थी। घर में अकेली बेटी पर बाप की नीयत खराब हो गई।
उसने अपनी ही बेटी की अस्मत लूट ली। उस दरिंदे ने छह महीने तक उसे हवस का शिकार बनाया। कोर्ट ने दोषी बाप को 10 साल कारावास और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
टीओआई के अनुसार, यह घटना महाराष्ट्र के ठाणे जिले की है। चितपाडा का रहने वाला 35 वर्षीय सुनील घरात और उसकी पत्नी दूसरों के घरों में घरेलू कामकाज करते थे।
एक दिन उसकी पत्नी काम के सिलसिले में घर से बाहर गई थी। 15 साल की बेटी घर में अकेली थी। मौके का फायदा उठाकर सुनील ने उससे रेप किया।
उसने 2011 में जून से लेकर दिसंबर तक उससे रेप किया। फिर 23 दिसंबर, 2011 को जब दरिंदगी की हद हो गई तो बेटी ने सारी बातें मां को बता दी।
मां और बेटी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी सुनील को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। वीवी गिरकर की अदालत ने सोमवार को 10 साल कारावास की सजा सुनाई।