यूपी के सहारनपुर में घुमाने के बहाने साथ ले जाकर किशोरी की आबरू और उसकी जिंदगी का सौदा महज 50 हजार रुपए में कर दिया गया। सौदा करने वाला कोई और नहीं बल्कि पीड़िता की सहेली का जीजा था। किसी तरह किशोरी खरीदार के चंगुल से भाग निकली। शनिवार रात जीआरपी के जवानों ने उसे रेलवे स्टेशन पर भटकते हुए पाया। शुरुआती पूछताछ के बाद उसे चाइल्ड लाइन संस्था के हवाले कर दिया गया।
इस संस्था के निदेशक मंसूर हुसैन सहित अन्य सदस्यों ने किशोरी की काउंसलिंग की तो उसकी बातें सुनकर वे दंग रह गए। किशोरी ने बताया कि मूलरूप से वह झारखंड राज्य के जिला रांची के घासी टोली क्षेत्र की रहने वाली है। उसके माता-पिता नहीं हैं।
किशोरी ने बताया कि उसकी एक सहेली के घर उसका आना जाना था। यहां सहेली का जीजा भगवान दास उससे मिला। एक दिन वह उसे घुमाने ले जाने के बहाने साथ लेकर गया और फिर एक जगह बादल नाम के एक शख्स के पास छोड़ दिया।
किशोरी के मुताबिक यहां उससे कहा गया कि अब वह बादल के साथ ही रहेगी। उसकी शादी उसके साथ की जा रही है। इसके बाद जीजा यहां छोड़कर चला गया। उसे यहां रहने का विरोध किया तो उसे मारा पीटा गया।