इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रनेता अविनाश दुबे पर हमले के आरोपी कोचिंग संचालक की गिरफ्तारी न होने से नाराज छात्रों ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया। कोचिंग संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एक छात्रनेता ने डीएम के सामने खुद पर डीजल उड़ेलकर आत्मदाह की कोशिश की।
छात्रनेता की इस हरकत से कलक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद लोगों ने छात्रनेता को पकड़ने की कोशिश की। इस बीच पुलिस भी पहुंच गई। चारों तरफ से खुद को घिरा देख छात्रनेता साथियों की मदद से वहां से निकल भागा।
छात्रनेता अविनाश दुबे का एक सप्ताह पहले पन्नालाल रोड स्थित एक कोचिंग संचालक से झगड़ा हो गया था, जिसमें अविनाश घायल हो गए थे। घटना से नाराज छात्रों ने कोचिंग में तोड़फोड़ भी की थी। अविनाश के साथ हुई घटना से छात्रनेताओं में खासा आक्रोश था।
आरोप था कि पुलिस ने सत्तापक्ष के एक विधायक के दबाव में कोचिंग संचालक के खिलाफ मामूली धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। छात्रनेता कोचिंग संचालक के खिलाफ जानलेवा हमले की धारा बढ़ाने और गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। बुधवार को छात्रनेताओं ने एडीएम कार्यालय और एसएसपी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया था लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई।
डीएम के बाहर आते ही किया ये कांड
गुरुवार दोपहर छात्रनेता मानस शर्मा, जिया कोनेन रिजवी, अखिलेश गुप्ता, अविनाश दुबे, चंद्रजीत यादव समेत दर्जनों छात्र और छात्रनेता एसएसपी से मिलने पहुंचे। इसके बाद छात्रनेता जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचे। छात्रनेता संगम सभागार में मौजूद जिलाधिकारी को बाहर बुलाने की मांग करने लगे।
डीएम भवनाथ वहां उद्योग बंधु की बैठक कर रहे थे। कुछ अफसरों ने कहा कि डीएम वहां नहीं हैं तो छात्रनेता भड़क गए और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। बवाल बढ़ने पर डीएम संगम सभागार से बाहर आए। इसी बीच नारेबाजी कर रहे छात्रनेता मानस शर्मा ने बोतल में भरा डीजल खुद पर उड़ेल लिया और आत्मदाह की कोशिश की।
छात्रनेता के डीजल उड़ेलते ही कलेक्ट्रेट में अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद कलक्ट्रेट कर्मियों ने उसे पकड़ने की कोशिश की। इस बीच पुलिस भी पहुंच गई और छात्र नेता मानस चारों तरफ से घिर गया। साथियों को लगा कि वह पकड़ा जाएगा तो उन्होंने मानस को वहां से भगा दिया। घटना के बाद कलक्ट्रेट में शाम तक कई थानों की फोर्स तैनात रही।
डीएम, भवनाथ ने कहा कि पुलिस अपनी जांच कर रही है, जिसमें हस्तक्षेप करना उचित नहीं है। हालांकि छात्रों की मांग को लेकर पुलिस के आला अधिकारियों से बात की गई है और कहा गया है कि मांगों पर उचित विचार करें।