मुरादाबाद में सिविल लाइंस के पॉश एरिया रामगंगा विहार में रहने वाले प्रथमा बैंक मैनेजर के लापता बेटे की लाश बुधवार को मझोला क्षेत्र में नाले में पड़ी मिली। उसकी नृशंस हत्या कर दी गई थी।
मैनेजर का बेटा सौरभ पालीटेक्निक करने के बाद इन दिनों इंटरमीडिएट का छात्र था। छह फरवरी की सुबह करीब छह बजे वो घर से वॉक के लिए निकला था और तभी से लापता था। कातिलों ने रॉड से छात्र के सिर पर ताबड़तोड़ 18 वार करके उसे मार डाला।
इसके बाद लाश पालीथिन में पैक की फिर उसे प्लास्टिक के बोरे में डाला और प्लास्टिक के बड़े ड्रम में डालकर नाले में फेंक गए। कातिलों ने छात्र के मुंह में एक लंगोट ठूंस रखा था, दूसरा लंगोट उसके मुंह और नाक पर बांधा गया था जबकि तीसरा लंगोट उसके गले पर बंधा मिला।
प्लास्टिक के ड्रम में मिली लाश
इस हत्या से पूरा इलाका सिहर उठा। पुलिस ने छात्र की गुमशुदगी को हत्या में तरमीम करे उसके चार दोस्तों को पूछताछ के लिए उठा लिया है।
रामगंगा विहार फेस टू में रहने वाले प्रथमा बैंक की पाकबड़ा शाखा के मैनेजर कमलेश चंद्र सक्सेना के लापता बेटे सौरभ सक्सेना (23) की छह फरवरी की रात को ही सिविल लाइंस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
बुधवार को दोपहर करीब एक बजे मझोला थाना क्षेत्र में गौतम बुद्ध पार्क से आगे सिरकोई भूड़ के पास सोनकपुर बाईपास किनारे नाले में बच्चों ने एक प्लास्टिक का ड्रम उतराता देखा। ड्रम बाहर निकाला तो उसमें एक प्लास्टिक का बोरा निकला जिसमें सौरभ की लाश थी।
फर्जी सिम से जुड़ी है कड़ी
बैंक मैनेजर के बेटे सौरभ सक्सेना की हत्या एक सोची समझी साजिश के तहत पूरी प्लानिंग के साथ की गई है। कातिलों ने हत्या की जो स्क्रिप्ट लिखी उसमें एक फर्जी आईडी वाले सिम का इस्तेमाल किया। सौरभ के मोबाइल पर छह फरवरी की सुबह छह बजकर 25 मिनट पर लास्ट कॉल भी इसी नंबर से आई थी।
26 जनवरी से सात फरवरी के बीच इसी नंबर से सौरभ से कुल छह बार बात हुई। सौरभ ने भी अपनी ओर से इस नंबर पर कॉल की थी। नंबर असालतपुरा से संभल और मुरादाबाद की आईडी पर खरीदा गया। वारदात की कड़ियां जोड़ रही पुलिस सिम विक्रेता को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
सौरभ अगवानपुर स्थित पंडित सोहनलाल इंटर कालेज का इंटरमीडिएट का प्राइवेट छात्र था। उसने कुछ दिन पहले ही मार्निंग वॉक पर जाना शुरू किया था। आशियाना स्थित एक जिम में भी उसने एंट्री कराई थी।
लास्ट कॉल में छुपा है कत्ल का राज
कसरत करने के लिए वो लंगोट लेकर भी जाता था। उसके लापता होने के बाद से ही सर्विंलांस रिकार्ड खंगाल रही पुलिस सौरभ की लास्ट कॉल पर ठिठक गई है। पुलिस का कहना है कि सौरभ के नंबर पर छह फरवरी की सुबह छह बजकर पच्चीस मिनट पर जो लास्ट रिसीव कॉल है उसी में कत्ल का राज छुपा है।
पुलिस ने इस नंबर की सीडीआर खंगाली तो हैरत में रह गई। यह नंबर महज 26 जनवरी से सात फरवरी तक चला और इसका इस्तेमाल केवल सौरभ से बात करने के लिए किया गया। एक आईडी के बजाए इस नंबर पर दो - दो आईडी लगी थीं। एक संभल की और दूसरी मुरादाबाद की।
ये सिम असालतपुरा से खरीदा गया था और दोनों आईडी में फोटो अलग हैं। दुकानदार यह नहीं बता सका कि सिम उसने किसे बेचा था। पुलिस को पूरा यकीन है कि इसी मोबाइल सिम से कत्ल का राज खुलेगा। इस सिम की लोकेशन हरथला और दलपतपुर में भी रही है।