गरीबी और बीमारी से लाचार एक मां ने अपने दुधमुंहे बच्चे को 20 हजार रुपये में बेच दिया। हालांकि मामला सार्वजनिक हो जाने पर पुलिस ने महिला और उसके पति को हिरासत में ले लिया है। बच्चे को खरीदने वाले की तलाश की जा रही है।
मामला पश्चिम बंगाल के आसनसोल जिले का है। जहां राष्ट्रीय राजमार्ग दो के निकट तपसी बाबा मंदिर के पास रहने वाली एक अनुसूचित जाति की महिला ने अपने बच्चों का पेट न भर पाने के कारण अपने तीन माह के बेटे को बीस हजार रुपये में बेच दिया।
महिला पहले से ही तीन बच्चों की मां है। तीन माह पूर्व उसने एक और बच्चे को जन्म दिया। पति का सहयोग नहीं मिलने के कारण उसकी आर्थिक स्थिति चरमरा गई।
वह अपने चार संतानों को भरपेट भोजन नहीं दे पाती थी। कुपोषण के कारण उसके छोटे पुत्र की तबीयत बिगड़ने लगी। वह अक्सर बीमार रहने लगा, जिससे उसकी परेशानी और बढ़ गई।
कहीं से मदद न मिलती देख उसने अपने पुत्र को एक चाय बिक्रेता के हाथों बीस हजार में बेच दिया।
इस बीच, पुलिस को इस घटना की सूचना मिल गई। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंच महिला से पूछताछ की। उसके बाद महिला और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है बच्चे को खरीदने वाले की तलाश की जा रही है।
उधर, इस घटना की जानकारी मिलने के बाद राज्य की महिला व शिशु कल्याण विभाग की मंत्री डॉ शशि पांजा ने कहा कि इस मामले पर बर्दवान के जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कदम उठाया जाएगा।