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SMS ने खोला करोड़ों की ठगी का राज!

Mon, 14 Apr 2014 12:36 PM IST
गोपाल गुप्त/अमर उजाला, कसया
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बड़े अरमान संजोंकर और गाढ़ी कमाई लगाकर पड़रौना के गौरव ठाकुर और कसया के सोनू पांडेय को उनके घरवालों ने इंजीनियर बनने हापुड़ भेजा था।
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पर दोनों ने ऐसी हरकत की कि इन अरमानों पर पानी फिर गया। दोनों को कॅरिअर की जगह साइबर क्राइम की दुनिया रास आई।

हापुड़ ट्रेजरी से पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का खाता हैक कर 32.35 लाख रुपये की चपत लगाने वाले दो मुख्य आरोपी कुशीनगर जिले के ही रहने वाले हैं।

हालांकि दोनों अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम जाल बिछा रही है।

पुलिस का दावा है कि दोनों की गिरफ्तारी से ठगी के तरीके का सटीक रूप से खुलासा तो होगा ही, कुछ विभागीय लोग भी लपेटे में आएंगे।
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चार महीने से चल रहा था जालसाजी का यह धंधा

उल्लेखनीय है कि जालसाजों ने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का खाता हैक करके हापुड़ ट्रेजरी से 32.35 लाख रुपये उड़ा लिए।

पुलिस ने इस मामले में बुद्ध पीजी कॉलेज छात्रसंघ के एक पूर्व अध्यक्ष समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से 34 एटीएम कार्ड, 59 पासबुक और 2.90 लाख रुपये की नकदी मिली है।

इंटरनेट के जरिए जालसाजी का यह धंधा चार महीने से चल रहा था। जालसाजों ने झांसा देकर क्षेत्र के कई लोगों का खाता पंजाब नेशनल बैंक की कसया शाखा में खुलवाया था।

इन सभी की पासबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिए थे। जालसाज हापुड़ ट्रेजरी में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का खाता हैक कर नेफ्ट मोड (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर ) के जरिए रकम लोगों के खाते में ट्रांसफर करते था।

एसएमएस अलर्ट ने खोला ठगी का राज

बाद में यह रकम एटीएम से निकाल ली जाती थी। इस सनसनीखेज घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ, जब एक खाताधारक गंगेश तिवारी के मोबाइल फोन पर एसएमएस अलर्ट से 1.38 लाख रुपये खाते में आने की जानकारी हुई।

बाद में यह रकम धीरे-धीरे निकाल भी ली गई। गंगेश की पासबुक और एटीएम कार्ड जालसाजों के पास ही था। गंगेश ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस की तहकीकात में पूरे मामले का खुलासा हुआ।

कसया के एसओ ओपी राय ने बताया कि बरामद पासबुक और अन्य दस्तावेज की शुरुआती जांच में अब तक 32.35 लाख रुपये की रकम निकाले जाने की पुष्टि हो चुकी है।
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जालसाजों के इस गैंग का सरगना फरार

अंदेशा है कि यह रकम एक करोड़ रुपये से ऊपर हो सकती है। बकौल एसओ हापुड़ का गौरव ठाकुर जालसाजों के इस गैंग का सरगना है।

वह आईटी का विशेषज्ञ है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस ने यहां से जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें से एक विकास कुमार जायसवाल बुद्ध पीजी कॉलेज छात्रसंघ का अध्यक्ष रह चुका है।

उसके साथ ही सपहां का सोनू पांडेय, भरौली गांव के राजकुमार, राजू कश्यप, मुकेश, श्रवण जायसवाल, दुर्गेश चौहान, कन्हैया कुमार और ऋषिकेश जायसवाल को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

शनिवार को पुलिस ने आरोपियां को धोखाधड़ी और साइबर क्राइम के आरोप में न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।
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