शाहजहांपुर के बहमनी चौकी के परौर थाना क्षेत्र के बहमनी चौकी गांव में सोमवार दोपहर बहन फूलजहां का सिर कलम करने वाले दो सगे भाइयों में से एक गुल मोहम्मद उर्फ नन्हूं बीती देर रात ही पुलिस की पकड़ में आ गया।
वह बदायूं के दातागंज इलाके के सराय क्षेत्र में अपने बहनोई के यहां छुपा था। हालांकि आधिकारिक तौर पर पुलिस ने मंगलवार शाम उसकी गिरफ्तार परौर थाना क्षेत्र के पकड़िया चौराहे से दिखाई है।
उसके पास से गला काटने में प्रयुक्त छूरा भी बरामद कर लिया गया है। साथ ही फूलजहां के पिता फौजदार, भाई मसनूर और बहनोई अनीलुद्दीन को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। ये तीनों भी बदायूं जिला के सराय क्षेत्र से एक साथ यहां लाए गए।
कटा हुआ सिर लिए भागते रहे दोनों
थाने में इन सभी की शिनाख्त घटना के चश्मदीद अच्छन ने की। पुलिस को दिए बयान में नन्हूं ने बताया कि यह अपने भाइयों में छठें नंबर का है। कहा कि बहन का कत्ल करने में वह साथ जरूर था लेकिन सिर कलम दूसरे नंबर के भाई गुल हसन ने किया। नन्हूं ने कसकर पकड़ कर जमीन पर लेटा रखा था।
घटना के बाद कटे रक्तरंजित सिर को कपड़े में लपेट कर घर के सामने पूरब की को पक्की सड़क पार कर पेड़ों की ओर दोनों भागे। वहां से सीधे खेतों में होते हुए आगे ही बढ़ते गए।
बहुत दूर जाकर दोनों रुके। उसके बाद नन्हूं ने इधर-उधर जाने क बजाय सीधे बदायूं अपने बहनोई के यहां जाना तय किया जबकि गुल हसन कटा हुआ सिर ठिकाने लगाने को कटरी क्षेत्र की ओर से रामगंगा नदी की तट की ओर चला गया। उसके बाद से दोनों में कोई संपर्क नहीं हुआ है।
हत्या से पहले फूलजहां की हुई थी पिटाई
पूछताछ में नन्हूं ने पुलिस से कहा कि बहन को अच्छन के चक्कर में न पड़ने के लिए काफी समझाया, लेकिन वह नहीं मानी और उसी से निकाह की जिद पर अड़ी रही। तमाम मनाही के बाद भी रविवार की आधी रात के बाद फूफा के घर चली गई और रात वहीं छत पर अच्छन के साथ रही।
इससे उसे और भाई को परिवार का नाक कट जाने सरीखा मलाल और गुस्सा आया। उसके बाद भी आवाज देकर बहन को घर लौटने को कहा लेकिन वह वहीं रहने की जिद पर अड़ी तो तमतमाहट में कत्ल की वारदात हो गई।
फूलजहां की हत्या से पहले उसकी पिटाई की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फूलजहां के पीठ, हाथ और पेट पर चोट के निशान थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के लिए गांव के चौकीदार समेत तीन लोगों को शव के साथ भेजा था।
मंगलवार को परौर पुलिस ने फूलजहां के सिर कटे शव का पंचनामा भरकर गांव चौकीदार महेश, गांव के ही फूल मोहम्मद और जान मोहम्मद के साथ शव को एक वाहन से यहां पोस्टमार्टम हाउस भेजा था। पोस्टमार्टम कराने के बाद वह लोग शव अपने साथ ले गए।