मुजफ्फरनगर में बसधाड़ा गैंगरेप और क्लिपिंग मामले में पुलिस केस की तह तक पहुंच चुकी है। बुधवार को चार और आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। इस मामले में पुलिस सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। छानबीन में पता चला है कि दुराचार के आरोपियों की गलती से ही क्लिपिंग लीक हो गई।गौरतलब है कि एक युवती के साथ पिछले साल अगस्त माह में सात युवकों ने गैंगरेप किया था और वीडियो क्लिप बनाई थी। क्लिपिंग को सार्वजनिक करने की धमकी देकर युवती को चुप रहने पर मजबूर कर दिया गया था।एकाएक दस माह बाद क्लिपिंग सामने आई, तो युवती ने भी हिम्मत जुटाई। बसधाड़ा गांव के सात युवकों के खिलाफ गैंगरेप और आईटी एक्ट में मामला दर्ज कराया।
आरोपियों ने दी चौंकाने वाली जानकारियां
आरोपियों के दूसरे समुदाय से होने की वजह से पुलिस और प्रशासन के होश उड़ गए। मंगलवार को पुलिस ने तीन आरोपी राशिद, वाशिक और शोबान को गिरफ्तार किया था। बुधवार को शेष चार आरोपी मोनू पुत्र मोहतसिन, सलाऊ पुत्र इस्लाम, राहुल पुत्र मोहतरम और अब्दुल रहमान पुत्र मुसर्रत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ की।पूछताछ में आरोपियों ने कई चौकाने वाली जानकारियां दीं। उन्होंने यह भी बताया कि क्लिपिंग इसीलिए बनाई गई थी, जिसे इंटरनेट पर डालने की धमकी देकर युवती को चुप कराया जा सके। ऐसा हुआ भी। दस माह से केस का कोई जिक्र तक नहीं था।इसी दौरान वाट्स एप पर गलती से क्लिपिंग किसी को चली गई और फिर एक-एक कर फैलती चली गई। आरोपियों का कहना है कि घटनास्थल बसधाड़ा के निकट है, वहां बाग के आसपास घूमने-फिरने चले जाते थे। इसी दौरान यह घटना हो गई।
पढ़े-लिखे हैं आरोपी
गैंगरेप और क्लिपिंग बनाने के मामले में पकड़े गए आरोपी पढ़े लिखे हैं। राशिद इंटर पास है और पुलिस की भर्ती की तैयारी कर रहा है। वाशिक हाईस्कूल पास है और शीशे के गेट बनाने का काम करता है। शोबान बीबीए कर रहा है।मोनू इंटर पास है और पुलिस की भर्ती की तैयारी कर रहा है। राहुल दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस में सिपाही भर्ती का एग्जाम दे चुका है। सलाऊ इलेक्ट्रिकल्स में आईटीआई है और दिल्ली में प्राइवेट जॉब कर रहा है। एक आरोपी अब्दुल रहमान अनपढ़ है।आरोपी में राहुल पूर्व ग्राम प्रधान का पौत्र है, जबकि राशिद और अब्दुल चाचा-भतीजे हैं।