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गुजरात में एक ही परिवार के 7 लोगों ने की आत्महत्या

Tue, 08 Apr 2014 12:09 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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गुजरात में एक ही परिवार के सात लोगों ने आत्महत्या कर ली।
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पुलिस की माने तो आत्महत्या करने वाले परिवार के मुखिया ने पहले अपने तीन बच्चों को जहर देकर मारा फिर चार अन्य लोगों ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला खत्म कर ली।

इस घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कोई इसे धार्मिक अंधभक्ति का परिणाम बता रहा है तो कोई इसे जमीन का विवाद बता रहा है।

मामला गुजरात के कच्छ की अंजार तहसील का है। यहां से 30 किलोमीटर दूर एक गांव है निंगाल। इस गांव में एक संपन्न परिवार रहता था जिसमें दो भाई, उनकी पत्नियां, और उनके पांच बच्चे।
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रोज शाम होता था भक्ति संगीत

गांव वालों के अनुसार यह परिवार हर दिन शाम को अपने घर के दरवाजे बंद कर लेता था और ढोल नगाडों की थाप पर भक्ति किया करता था।

घटना वाले दिन जब इस घर से ढोल-नगाड़ों की आवाज नहीं आई तो गांव वालों को अचरज हुआ और उन्होंने घर जाकर देखा कि आखिर क्या माजरा है। आस-पास के लोगों ने जब अंदर का दृश्य देखा तो उनके होश उड़ गए।

उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बंद दरवाजे तोड़ कर सभी मृत लोगों को को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

तीन बच्चों को पिलाया था जहर

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आत्महत्या करने वालों में घर का मुखिया राधू (32), उसकी पत्नी लक्ष्मी (30), राधू का भाई लखु (30) एवं उसकी पत्नी कंकु बेन (26) के अलावा राधू के बच्चे शाश्वत लखु (4), प्राची लखु (5) तथा श्याम (7) है।

बताया जा रहा है कि शाश्वत, प्राची और श्याम को को पहले जहर पिलाकर मार दिया गया फिर बाद में चारों लोगों ने गले में फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के समय मकान के सभी खिड़की-दरवाजे बंद कर दिए गए थे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार तीनों बच्चों को जहर पिलाया गया था, जबकि अन्य चारों की मौत दम घुटने से हुई थी।
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बच गईं परिवार की दो लड़कियां

पुलिस जांच के अनुसार यह परिवार करीब 3 साल से भगवान की आराधना कर रहा है। इतना ही नहीं, एक एक धार्मिक संस्थान के आश्रम में दान देने के लिए इस परिवार ने अपनी पुश्तैनी जमीन भी डेढ करोड रूपए में बेच दी थी।

दरअसल, पुश्तैनी जमीन बेचने के बाद वह डेढ करोड रूपया एक आश्रम को इस परिवार ने दान कर दिया था। परिवार के मुखिया उसी आश्रम में ही रहना चाहते थे, लेकिन परिजनों के विरोध के चलते ऐसा नहीं हो सकता।

वहीं, दूसरी तरफ मृतक राधू भाई की अन्य दो पुत्री पायल (15) तथा सोनल (7) स्कूल जाने के कारण घर में नहीं थी, जिससे वे जिंदा बच गई है। पुलिस अभी मामले की जांच में जुटी हुई है।
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