12 नवंबर का दिन था। दिल्ली का एक परिवार उनकी लड़की से रिश्ता पक्का करने आ रहे लड़के वाले के परिवार का इंतजार कर रहा था कि तभी दरवाजे की घंटी बजती है। नौकर जाकर दरवाजा खोलता है और परिवार वाले बड़ी इज्जत के साथ लड़का उसके साथ आई उसकी दादी का स्वागत करते हैं। दोनों परिवारों एक साथ बैठकर रिश्ता ही तय कर रहे थे कि अचानक वो हुआ जिसका लड़की की परिवार ने सपने में भी उम्मीद नहीं की होगी। अचानक से लड़के ने बंदूक निकालकर उन पर तान दी और दादी जिसकी उम्र करीब 60 साल के आस पास होगी चाकू लेकर खड़ी हो गई और कुछ ही देर में घर में रखा कीमती सामान लेकर रफू चक्कर हो गए।
यह पूरा मामला दिल्ली के आजाद मार्केट का है जब शादी के रिश्ते के लिए उनके घर पर आए लड़के, उसकी दादी और दो और लोगों ने पूरे परिवार को बंदूक की नोंक पर बंधक बनाकर घर में रखे कीमती सामान और गहने लेकर नौ दो ग्यारह हो गए। दरअसल, यह परिवार कोई शादी का रिश्ता तय करने नहीं आया था बल्कि यह तो एक ऐसा गैंग था जो शादी का झांसा देकर अमीर परिवारों को लूटता था। परिवार ने अपने साथ हुए इस घटना के बारे में जैसे ही पुलिस को बताया वैसे ही पुलिस तेजी से इस गैंग का पता लगाने में जुट गई।
परिवार ने पुलिस को बताया कि पहले तो इस गैंग के लोगों ने पूरे परिवार वालों को रस्सी से बांध दिया और फिर मुंह पर टेप लगा दिया। इसके बाद उन्होंने पूरे घर पर हाथ साफ कर घर को बाहर से बंद करके वहां से भाग गए। परिवार के मुताबिक इस गैंग ने लाखों के गहने, 1.5 रुपये कैश और परिवार वालों का मोबाइल फोन लूट ले गए। मामला दर्ज हो जाने के बाद एसीपी आलोक कुमार को इस मामले की जांच का काम सौंपा गया। 14 नवंबर को उनकी टीम को एक खुफिया जानकारी मिलती है कि इस गैंग के जुड़े दो लोग मेरठ से चोरी के माल को बेचने के लिए आनंद विहार आईएसबीटी आ रहे हैं।