यूपी में बरेली के देवरनियां थाना क्षेत्र के एक गांव में शौच को घर से निकली दलित किशोरी को अगवा करके दो युवकों ने उसके साथ रात भर रेप किया। तड़के किशोरी के शोर मचाने पर दोनों दुराचारीउसे छोड़कर भाग गए।
इस मामले में दोतरफा नेतागीरी के बीच पुलिस कई घंटे तक रिपोर्ट दर्ज करने को ही राजी नहीं हुई। देर शाम पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ पॉक्सो, एससी-एसटी एक्ट और बलात्कार की धारा में नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में कि शोरी के मेडिकल की प्रक्रिया शुरू होगी। एक्स-रे होने के बाद सप्लीमेंट्री रिपोर्ट मिलने पर कोर्ट में उसके बयान दर्ज कराए जाएंगे।
FIR लिखने में पुलिस की आनाकानी
मंगलवार रात करीब नौ बजे किशोरी शौच के लिए गांव के पास ही खेत में गई थी। इस दौरान गांव के ही बब्बन खां और फारूख ने उसे दबोच लिया। तमंचे दिखाकर दोनों उसे जंगल में ले गए। वहां दोनों ने उसे बंधक बनाकर रेप किया।
आरोपी रातभर किशोरी को जंगल में ही बंधक बनाए रहे। बुधवार को सुबह तड़के गांव के लोगों की खेतों की ओर आवाजाही शुरू हुई तो किशोरी ने शोर मचा दिया। इस पर दोनों उसे छोड़कर भाग गए। गांव के लोग लड़की को लेकर दोपहर बारह बजे थाने पहुंच गए।
एसओ तुषार दत्त त्यागी को मुकदमा लिखने के लिए तहरीर दी गई लेकिन वह मामला टालने लगे। भाजपा के जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने एसओ को जल्द मुकदमा लिखने को कहा। उधर प्रधान महेश चंद्र खुद आरोपियों के साथ खड़े थे और दोनों पक्षों में बैठाकर फैसला कराने की बात करने लगे।
सपा नेता ने डाला समझौते का दबाव
सपा के एक विधायक ने भी फोन करके रिपोर्ट लिखने के बजाए फैसला कराने को पुलिस पर दबाव डालना शुरू कर दिया। मामला अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया तो शाम करीब सात बजे पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
दलित किशोरी से रेप के आरोपी दूसरे संप्रदाय के होने की वजह से गांव में तनाव है। एहतियातन गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है। एसओ ने बताया कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही हैं। हालांकि अभी तक आरोपी पकड़ में नहीं आए हैं।
बहेड़ी के सीओ प्रमोद यादव ने मामले पर कहा है कि घटना बेहद शर्मनाक है। कोई कितनी भी नेतागिरी कर लें, लेकिन आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। इस बाबत एसओ देवरनियां को निर्देश भी दे दिए गए हैं। किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया गया है।