ट्रेनों में बढ़ती लूटपाट की घटनाओं से जहां आम जनमानस सहमा है, वहीं रेलवे और शासन कुंभकर्णी नींद सोया है। ऐसा लगता है जैसे बदमाशों ने उत्तर-मध्य रेलवे ट्रैक पर ‘कब्जा’ कर लिया है।
हाथरस के पास बुधवार की रात मडराक और सासनी के बीच बदमाशों ने पहले तो नई दिल्ली हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन में लूटपाट करने की कोशिश की।
उसके बाद जब इसमें विफल हो गए तो उन्होंने संगम एक्सप्रेस और फरक्का एक्सप्रेस में भी लूटपाट की।
इस दौरान यात्रियों का सामान बोगी से बाहर फेंक दिया। बदमाश मडराक के बाद चेन पुलिंग कर भागने में सफल हो गए। वहीं, पुलिस यात्रियों के बीच आपस में मारपीट व चेन पुलिंग का मामला मान रही है।
हावड़ा एक्सप्रेस में हुई लूटपाट की कोशिश
बुधवार की मध्य रात्रि बदमाशों ने नई दिल्ली-हावडा एक्सप्रेस में सवार थे। यह ट्रेन नई दिल्ली से हावड़ा की ओर जा रही थी।
बदमाशों ने मडराक से आगे ट्रेन की चेन पुलिंग कर दी और इसे रोक दिया। बताते हैं कि ट्रेन में सवार बदमाशों की उसमें मौजूद गार्ड से धक्का-मुक्की और मारपीट हो गई।
इससे वहां हंगामा हो गया। कुछ यात्रियों ने भी इसका विरोध किया तो बदमाश इस ट्रेन से कूदकर भाग गए।
इस ट्रेन का चालक तो ट्रेन को वहां से ले गया लेकिन सिग्नल न मिलने पर पीछे से आ रही संगम एक्सप्रेस और फरक्का एक्सप्रेस खड़ी हो गई।
कई महिलाओं के जेवरात और नकदी लूटे
इस पर बदमाश संगम एक्सप्रेस में चढ़ गए। बदमाशों ने वहां यात्रियों से जमकर मारपीट और लूटपाट की।
संगम एक्सप्रेस में कई महिलाओं के जेवरात लूट लिए और नकदी छीन ली। कुछ अन्य लोगों से भी मारपीट की।
उसके बाद इसी तरह का तांडव बदमाशों ने फरक्का एक्सप्रेस में किया। वहां भी यात्रियों को मारपीट कर जमकर लूटा।
जिसने इस लूटपाट का विरोध किया। उसी के साथ बदमाशों ने लूटपाट की। लूटपाट के बाद बदमाश वहां से भाग गए।
पुलिस ने ट्रेन में लूटपाट होने से किया इंकार
सूचना मिलने पर जीआरपी वहां पहुंच गई। यही नहीं स्थानीय पुलिस ने भी बदमाशों की तलाश में कांबिग की लेकिन कोई बदमाश नहीं पकड़ा गया।
जीआरपी के एसआई रामप्रकाश का कहना है कि संगम एक्सप्रेस में एक महिला के कुंडल छीने जाने की जानकारी मिली है लेकिन कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। उन्होंने अन्य किसी ट्रेन में लूटपाट होने से इंकार किया है।
गौरतलब है कि बीती 1 अप्रैल की रात भी संगम एक्सप्रेस को यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गृह जनपद इटावा के पास एक घंटे तक रोककर डकैती डाली गई थी।