आनंद विहार टर्मिनल से पटना जा रही जनसाधारण एक्सप्रेस के जनरल कोच में नकाबपोश बदमाशों ने धावा बोलकर यात्रियों से गहने, नगदी, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान लूट लिए।
गाजियाबाद में ट्रेन पर चढ़े बदमाशों ने करीब तीन घंटे यात्रियों को बंधक बनाए रखा और लूटपाट करते रहे। कानपुर सेंट्रल के आउटर पर ट्रेन रुकते ही वे उतरकर भाग निकले।
यात्रियों ने बताया कि बदमाश चार-पांच की संख्या में थे। ट्रेन का यहां कामर्शियल ठहराव न होने से यात्रियों ने मुगलसराय में लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई है। घटनास्थल गाजियाबाद होने से विवेचना वहीं स्थानांतरित कर दी गई है।
सोमवार की शाम लगभग सात बजे आनंद विहार टर्मिनल से चली जनसाधारण एक्सप्रेस में गाजियाबाद स्टेशन से माला बेचने के नाम पर पांच-छह युवक झोला लेकर जनरल कोच में चढ़ गए। सभी मुंह पर रुमाल बांधे हुए थे।
ट्रेन चलते ही बदमाशों ने दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दीं। पटना निवासी पप्पू यादव ने इसका विरोध किया तो बदमाशों ने उसके गले पर चाकू लगा दिया और फिर लूटपाट शुरू कर दी।
बदमाशों ने पटना निवासी सियादेवी, उनकी बेटी रानी, सीवान बिहार निवासी गायत्री सिंह, रामनाथ, रामप्रसाद, कल्लू, जयकरन को शिकार बनाया। ये सभी एक ही गांव के रहने वाले हैं और हरियाणा में मजदूरी का काम करते हैं।
बदमाशों ने करीब 32 यात्रियों से लगभग तीन लाख रुपए, 27 मोबाइल, गहनों के अलावा एक लाख रुपए कीमत का सामान लूटा। इटावा तक लूटपाट के बाद उन्होंने सभी यात्रियों को एक लाइन में बिठा दिया।
रात लगभग सवा दो बजे ट्रेन जैसे ही सेंट्रल स्टेशन के आउटर पर रुकी, सभी बदमाश सामान और नगदी लेकर उतर गए। यात्रियों के शोर मचाने पर ट्रेन कानपुर सेंट्रल के प्लेटफार्म नंबर पांच पर आकर खड़ी हो गई थी।
जीआरपी स्टाफ जब तक पूछताछ करता, ट्रेन चल दी। कंट्रोल के जरिए मुगलसराय सूचना दी गई। मुगलसराय में लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।