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केस वापस लेने का था दबाव, रेप पीड़िता ने की खुदकुशी

Thu, 19 Sep 2013 01:51 PM IST
नीरज सिन्हा/रांची से, बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए
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झारखंड के कोडरमा जिले में कथित तौर पर बलात्कार की शिकार हुई एक किशोरी ने मंगलवार की रात जहर खाकर खुदकुशी कर ली।
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कोडरमा के एसपी हेमंत टोप्पो ने इस घटना की पुष्टि की है।

पुलिस के अनुसार अभियुक्त के पिता और भाई लड़की पर मामला वापस लेने का दबाव बना रहे थे और इससे परेशान होकर लड़की ने ख़ुदकुशी कर ली।

ख़ुदकुशी करने वाली लड़की 14 साल की थी और वो आठवीं कक्षा की छात्रा थी।

'पर्याप्त साक्ष्य'
आठ सितंबर को कथित रूप से उसके साथ बलात्कार किया गया। इसके अगले दिन बलात्कार का मामला दर्ज किया गया और उसी दिन पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया।
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एसपी ने बताया कि घटना के बाद अभियुक्त के पिता और बड़ा भाई पीड़िता के परिवार पर दबाव डाल रहे थे कि वे लोग केस वापस ले लें और किशोरी की शादी अभियुक्त से करा दें।
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एसपी ने बताया कि किशोरी डरी हुई थी और उसने मंगलवार की रात काटनीशक दवा खाकर जान दे दी।

बुधवार की सुबह पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर कोडरमा सदर अस्पताल में पोस्टमॉर्टम करावाया और शव उनके परिजनों को सौंप दिया।

ख़ुदकुशी के मामले में बलात्कार अभियुक्त के पिता और उनके दूसरे बेटे को अभियुक्त बनाया गया है।

एसपी ने बताया कि इस मामले में नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाने और कई लोगों के एक अपराध में शामिल होने के तहत मुकदमा दायर किया गया है।

उन्होंने कहा कि ठोस कार्रवाई करने के लिए पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं।

एसपी ने बताया कि बलात्कार अभियुक्त को ख़ुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में भी अभियुक्त बनाया गया है।

सदमे में थी किशोरी
किशोरी के परिजनों का कहना है कि घटना के बाद वो काफी सदमे में थी। उन्होंने कहा है कि मौत से पहले लड़की ने कहा था कि उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार पीड़ित परिवार काफी गरीब है। किशोरी के पिता मज़दूरी करने दूसरे राज्य गए हुए हैं जबकि घर पर उसकी मां और दो छोटे भाई रहते हैं।

पिछले महीने झारखंड के डाल्टनगंज की निचली अदालत में कथित दुष्कर्म के एक मामले में सुनवाई के दौरान एक पीड़ित युवती ने जहर खा लिया था।

बाद में उसे गंभीर स्थिति में इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उसे बचा लिया गया।

वह युवती भी बेहद गरीब परिवार की है। उसके पिता भी काम के लिए झारखंड से बाहर गए हुए हैं। पीड़िता खुद ही मुक़दमा लड़ रही है।
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