जौनपुर से सांसद धनंजय सिंह पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला ने दिल्ली पुलिस को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसने वर्ष 2009 में सांसद के खिलाफ दुष्कर्म और जान से मारने की शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सासंद धनंजय ने किया चार साल रेप!
मामला दर्ज कराने को लेकर वह दिल्ली पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारियों से भी मिली, लेकिन किसी ने उसकी गुहार नहीं सुनी। वहीं, अब पुलिस अधिकारी जांच कराने की बात कर रहे हैं।
पीड़िता ने बताया कि उसके पति का गोरखपुर में पेट्रोल पंप और अन्य कारोबार है। वह रेलवे में सरकारी नौकरी करने की वजह से बच्चों के साथ दिल्ली में रहती है। वर्ष 2005 में धनंजय सिंह ने पहली बार उससे दुष्कर्म किया।
लॉकअप में भी जागृति से परेशान हैं सांसद धनंजय
इसके बाद वह उसे जान से मारने की धमकी देकर उससे रेप करता रहा। जुबान खोलने पर आरोपी उसके बच्चों पर पिस्टल तान देता था। उस समय धनंजय विधायक था। वर्ष 2009 में बीएसपी के टिकट से चुनाव लड़कर सांसद बनने के बाद धनंजय सिंह ने जागृति से विवाह कर लिया।
जागृति और धनंजय सिंह की हैवानियत की पूरी कहानी
जागृति से छुपाने को कहा
पीड़िता ने कहा कि सांसद ने उसे जान से मारने की धमकी देकर जागृति को कुछ न बताने को कहा। इसके बाद धनंजय का मयूर विहार स्थित उसके फ्लैट पर आना बंद हो गया।
पीड़िता का आरोप है कि उसने 18 जुलाई 2009 को पांडव नगर थाने में मामले की शिकायत की, लेकिन केस सांसद से जुड़ा होने के कारण किसी भी पुलिस अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। कुछ दिन वरिष्ठ अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद वह हार मान गई।
पीड़िता ने बताया कि 28 अक्तूबर देर रात को धनंजय सिंह उसके फ्लैट पर आया था। सांसद ने जोर-जोर से दरवाजा खटखटाया, लेकिन उसने दरवाजा नहीं खोला।
'मेरी सच्चाई की गवाही देंगे बच्चे’
पीड़िता का कहना है कि उसके आरोपों की सच्चाई की गवाही उसके आठ और दस साल के बच्चे देंगे। उसके पति की गैर मौजूदगी में सांसद जब घर आता था तो उस समय उसका बड़ा बेटा थोड़ा समझदार था। वह धनंजय को जानता है।
पति ने किया किनारा
धनंजय सिंह पर दिल्ली में दुराचार का आरोप लगाने वाली महिला के परिवार ने उससे किनारा कर लिया है। चौरीचौरा के नजदीकी गांव में रहने वाले महिला के पति ने अमर उजाला से बातचीत में पत्नी द्वारा सांसद पर लगाए आरोपों को गलत बताया।
उन्होंने कहा कि पत्नी ने कभी दुराचार की बात का घर में जिक्र नहीं किया। अगर पत्नी ने कुछ बताया होता तो वह खुद कार्रवाई की पहल करते।
पीड़िता के दर्ज नहीं हो पाए बयान
रेप का आरोप लगाने वाली महिला के बयान अदालत के समक्ष दर्ज नहीं हो पाए। अब उसके बयान शनिवार को दर्ज किए जा सकते हैं।
पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में पीड़िता का मेडिकल कराया। पूर्वी जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मनदीप सिंह रंधावा ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। तथ्यों के आधार पर पुलिस धनंजय सिंह की पुलिस कस्टडी लेगी।