पूर्वांचल में लगभग दस साल बाद शूटरों की नई फौज तैयार हो रही है। ये शूटर बड़े माफिया गिरोहों के लिए सुपारी लेकर हत्या और लूट जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
खुफिया एजेंसियों की मानें तो पूर्वांचल के शूटर कानपुर, दिल्ली, मुंबई से लेकर नेपाल और अरब देशों तक में अपनी धाक जमा रहे हैं। हालिया दिनों में बढ़ती वारदातों को देखते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और क्राइम ब्रांच को एलर्ट कर दिया गया है।
जरायम की दुनिया में पूर्वांचल के गोरखपुर, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर और देवरिया आदि जिलों के शूटरों की खासी पहचान है। पहले भी यहां के शूटरों ने महानगरों में ही नहीं बल्कि विदेशों तक में सुपारी लेकर हत्याएं की हैं।
दस साल की शांति के बाद सामने आए कई नाम
मुंबई के जेजे अस्पताल में हत्या कराने के लिए दाऊद इब्राहिम ने पूर्वांचल के ही दो शूटरों को सुपारी दी थी। यहीं नहीं, फिल्म अभिनेत्री मनीषा कोइराला के सेक्रेटरी की हत्या चंदौली, गाजीपुर और वाराणसी के शूटरों ने की थी।
दस साल की शांति के बाद इधर फिर मुंबई, दिल्ली, कानपुर, कोलकाता, नेपाल में हुई कई वारदातों में यहां के शूटरों का नाम सामने आए हैं।
खुफिया एजेंसियों के अनुसार वाराणसी के 50 हजार के इनामी तीन बदमाश नेपाल में ठिकाना बनाए हुए हैं, जबकि बलिया के दो लाख के इनामी बदमाश के नाम बदलकर विदेश में शरण लेने की चर्चा है।
पुलिस ने बनाई शूटरों की सूची
मुंबई के सराफा तस्कर के संरक्षण में पूर्वांचल का एक शातिर बदमाश अपना नाम बदलकर अरब देश में हत्या की वारदात को अंजाम दे चुका है। इस समय वह पूर्वांचल की जेल में है।
यहीं नहीं, जेल में बंद लल्लापुरा का अल्ताफ कोलकाता स्थित अमेरिकन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले का आरोपी है, जबकि वाराणसी के सेंट्रल जेल में बंद एक माफिया बैंकाक में वारदात कर चुका है।
हालिया दिनों में पूर्वांचल के एक बदमाश की दिल्ली के एक कारोबारी की हत्या की सुपारी लेने की बात सर्विलांस पर सुनी गई थी। पुलिस ने बनाई शूटरों की सूची पुलिस ने पूर्वांचल के वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर, चंदौली, मिर्जापुर, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बस्ती, संत कबीरनगर, महाराजगंज, मऊ आदि जिलों के नए शूटरों की सूची तैयार की है।
सामने आया माफिया शूटर गठजोड़
इसमें रोहित उर्फ सनी सिंह, हनी सिंह, राजेश चौधरी, सुरेश कुमार सिंह, गौरव सिंह, जावेद खान, अताउर रहमान, शहाबुद्दीन, मनीष सिंह, रमेश सिंह काका, इंद्रदेव सिंह बीकेडी, विश्वास शर्मा उर्फ नेपाली, नामवर यादव, मोहम्मद शमीम, साकिब, अजीम, कौशल चौबे, वीरेंद्र जायसवाल, सोनू सिंह, अमित जायसवाल, अभिनव जायसवाल सरीखे करीब दो सौ बदमाश शामिल हैं।
इसके अलावा संप्रेक्षण गृह में 16 ऐसे किशोर बंद हैं जो हत्या की कई वारदातों में शामिल रहे हैं।
कई वारदातों के खुलासे में नए शूटरों और माफिया गिरोहों का गठजोड़ सामने आया है। ये बदमाश अगर पकड़े भी जाते हैं तो जेल में माफिया उन्हें कई तरह की सुविधाएं मुहैया कराते हैं। जमानत कराने के बाद उनकी आर्थिक मदद भी की जाती है।