यूपी में शाहजहांपुर के निगोही में फर्स्ट डिवीजन में पास कराने का झांसा देकर दसवीं की एक छात्रा को उसके स्कूल के प्रिंसिपल ने पहले अश्लील प्रस्ताव दिया और बाद में हाथ पकड़ कर छेड़छाड़ की।
घटना की जानकारी होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी के घर के बाहर खड़ी बाइक में आग लगा दी और शाहजहांपुर-निगोही रोड पर गांव सतवां खुर्द में जाम लगाया। आरोपी सुरेंद्र वर्मा अपनी पत्नी और बच्चों समेत फरार हो गया।
पुलिस ने छात्रा की तहरीर पर छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कर लिया है। सुरेंद्र पर पहले भी छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के आरोप लग चुके हैं। वह भाजपा का भावलखेड़ा मंडल इकाई का अध्यक्ष भी है।
छात्रा ने मना किया तो की जबरदस्ती
शाहजहांपुर शहर से करीब पांच किमी दूर निगोही रोड पर स्थित गांव सतवां खुर्द से बायीं ओर जाने वाले रास्ते पर स्थित स्व. डंबर लाल इंटर कॉलेज का है। छात्रा का कहना है कि बुधवार सुबह क्लास से प्रिंसिपल सुरेंद्र वर्मा ने उसे बुलाया।
छात्रा उनके कक्ष में पहुंची तो सुरेंद्र अकेले थे। उन्होंने लच्छेदार बातें करते हुए उसकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में जाना, फिर फर्स्ट डिवीजन में पास करने का लालच देते हुए अश्लील प्रस्ताव दे डाला। छात्रा ने मना किया तो उसने छात्रा को दबोचने की कोशिश की, लेकिन वह उससे बचकर कक्ष से बाहर निकल भागी।
घर पहुंचकर माता-पिता को पूरा वाकया बताया। पिता ने ग्राम प्रधान को बताया तो उसके बाद बात पूरे गांव में फैल गई और लोग मुख्य सड़क पर निकल आए और जाम लगा दिया। लोगों को जुटते देख सुरेंद्र अपनी बूढ़ी मां को अकेले घर में छोड़कर परिवार समेत भाग निकला।
बवाल बढ़ते देख मौके पर पहुंची पुलिस
उधर, जाम की सूचना पाकर निगोही थाना प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। भीड़ को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा देकर तत्काल जाम खुलवाया। सुरेंद्र के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 के तहत केस दर्ज किया गया है।
मामले पर एक शिक्षक सुरेंद्र वर्मा का कहना है कि गलत आरोप लगाए गए हैं। शिकायत करने वाली छात्रा 10वीं बोर्ड के लिए तय प्रोजेक्ट वाली परीक्षा में बीमार होने के चलते समय पर शामिल नहीं हो पाई।
अगले दिन वह पहुंची तो शिक्षिका से परीक्षा कराने को कहा, तो मना कर दिया गया। उसके बाद छात्रा के पिता ने भी परीक्षा कराने का दबाव बनाया। बुधवार को भी छात्रा आई तो मैंने बोर्ड के कायदे के अनुसार अगली बार तय होने वाली तिथि पर शामिल होने को कहा।
उसके बाद पूरे मामले को अलग रंग दे दिया गया और उसमें लोगों की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता भी शामिल हो गई। फिर लोगों ने कॉलेज के संचालक मेरे पिता और माता के साथ ही परिवार के सदस्यों पर हाथ भी छोड़ा एवं तोड़फोड़ की। गांव में माहौल खराब होने के चलते मैं अभी बाहर हूं।