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लाइव दिखाते थे मासूम बच्चों से रेप के वीडियो

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समय के साथ हाई-टेक हुए अपराधियों ने सोशल नेटवर्किंग, ऐप और चैट साइटों के जरिए मासूम बच्चों से रेप के लाइव वीडियो दिखाने शुरू कर दिए हैं। इन शातिरों की लोकेशन को ट्रेस करना भी काफी मुश्किल है।
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यूरोप की पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि बच्चों का यौन शोषण करने वाले अपराधी तकनीकी की सहायता से इतने ज्यादा शातिर हो गए हैं कि पुलिस भी हैरान है। ये लोग घर बैठे काफी पैसा भी कमा रहे हैं।

यूरोपोल के साइबर क्राइम सेंटर की ओर से इस संबंध में रिपोर्ट पेश की गई है। इसमें बताया गया है कि ऑनलाइन चाइल्ड पोर्नोग्राफी तेजी से बढ़ रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन चैट साइट या वीडियो चैट ऐप के जरिए लाइव वीडियो दिखाने वालों का पकड़ना बेहद कठिन काम है। पोर्न फिल्म बनाकर किसी साइट को बेचने वाले अपराधी जल्दी पकड़ लिए जाते हैं।
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बड़े रैकेट का भंडाफोड़, आजाद हुए बच्चे

डेली मेल के अनुसार, ऑनलाइन पोर्न का लाइव प्रसारण अब एक स्थापित धंधा बन चुका है। अपराधी, घर से भागे या भटके हुए बच्चों के अलावा अपने बच्चों को भी इस घिनौने काम के लिए इस्तेमाल करते हैं।

ये लोग पैसे के लिए बच्चों को लोगों के पास भेजते हैं और कैमरे के सामने उनका बलात्कार व यौन शोषण करवाते हैं। ये काला कारनामा यूरोपीय देशों के अलावा कुछ अन्य विकासशील देशों में चल रहा है।

फिलिप्पिनो पुलिस ने हाल ही में रेप के लाइव वीडियो दिखाने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। यह गैंग छह साल की उम्र तक के बच्चों का इस्तेमाल करता था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 15 बच्चों को मुक्त कराया था, जिनकी उम्र 6 से 15 साल के बीच थी।
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पुलिस ने की 700 लोगों की पहचान

पुलिस ने इस दौरान 29 लोगों को गिरफ्तार भी किया था। ये शातिर अपराधी 13 देशों में लोगों को ऑनलाइन वीडियो दिखाते थे। यूरोपोल के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान करीब 700 लोगों की पहचान भी की गई है जो ऑनलाइन पोर्न खरीदते थे।

इस धंधे से जुड़े अपराधी पेमेंट के तरीके भी ऐसे इस्तेमाल करते थे कि उन्हें ढूंढ़ना मुश्किल हो जाए। ये लोग क्रेडिट कार्ड के बजाय बिटक्वाइन (डिजिटल बैंकिंग) का इस्तेमाल करते थे।

पिछले साल पहली बार पुलिस को इन गैंगों के कारनामों का पता चला था। यूरोपोल के मुताबिक पुलिस और निजी सेक्टर दोनों को मिलकर इस समस्या से निपटना होगा।
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