कड़ी सुरक्षा से चाक चौबंद कोर्ट परिसर में मंगलवार को एक सिपाही को गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसके बाद हमलावर पेशी पर लाए गए दो सजायाफ्ता कैदियों को अपने साथ लेकर फरार हो गए।
हमले से पहले बदमाशों ने सिपाही विक्रम प्रताप सिंह और होमगार्ड राममूर्ति की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर कैदियों को छुड़ाने की कोशिश की। इस पर भी सिपाही ने रस्सी नहीं छोड़ी तो बदमाशों ने उसे गोली मार दी।
लखनऊ ले जाते समय सिपाही की मौत हो गई। पूरे जिले में नाकेबंदी कर आसपास के जिलों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया। घटना लखीमपुर खीरी की है।
विक्रम प्रताप बरेली के रहने वाले थे। दो साल पहले ही वह पुलिस में भर्ती हुए थे।
हत्या, बलात्कार जैसे कई संगीन अपराधों में जिला जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी बग्गा सिंह और दोस मोहम्मद मंगलवार को पेशी के लिए कचहरी लाए गए थे।
कैदियों को लाने-ले जाने के लिए पुलिस लाइन के सिपाही 28 वर्षीय विक्रम प्रताप सिंह और होमगार्ड राममूर्ति की ड्यूटी लगाई गई थी। करीब डेढ़ बजे सीजेएम प्रथम की अदालत में दोनों की पेशी कराने के बाद सिपाही और होमगार्ड दोनों कैदियों के साथ लौट रहे थे।
कचहरी के गेट नंबर तीन के पास कुछ हथियारबंद बदमाशों ने सिपाही और होमगार्ड की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर उनकी अभिरक्षा से कैदियों को छुड़ाने की कोशिश की।
सिपाही विक्रम प्रताप ने एक कैदी की कमर पकड़ ली और रस्सी भी ढीली नहीं होने दी। साथी को छुड़ाने के लिए बदमाशों ने कुछ देर गुत्थम-गुत्था की। मकसद पूरा होते न देख बदमाशों ने तमंचा निकालकर सिपाही को गोली मार दी। गोली लगते ही सिपाही जमीन पर गिर पड़ा। बदमाश अपने दोनों कैदी साथियों को लेकर बाइक से फरार हो गए।
कैदी बग्गा सिंह सिंगाही थाना क्षेत्र के खैरीगढ़ और दोस मोहम्मद निघासन के पठाननपुरवा गांव का रहने वाले हैं।
एसपी प्रशांत कुमार ने बताया कि दोनों कैदियों और उन्हें छुड़ा ले जाने वाले उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ सिपाही की हत्या कर अभिरक्षा से कैदी छुड़ा ले जाने का मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। फरार बदमाशों और अभिरक्षा से भागे कैदियों की तलाशी के लिए जिले भर में सघन चेकिंग कराई जा रही है। आसपास के जिलों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है।