अपने पद और रुतबे का फायदा उठाकर मासूम लड़कियों और जवान महिलाओं का पीछा करने वाले एक पुलिस कांस्टेबल को 15 महीने जेल की सजा सुनाई गई है।
27 वर्षीय आरोपी रेयान रीड कनाडा के लेनार्क काउंटी में स्पेशल कांस्टेबल को तौर पर कार्यरत था। कोर्ट में सजा का ऐलान होने के बाद वह अपनी मां को याद करके रो पड़ा।
मामले की जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने 15 साल की लड़कियों को भी नहीं बख्शा और उनके घर व स्कूल जैसी जगहों पर पहुंचकर उन्हें धमकाता रहता था। यही नहीं उसने लड़कियों को फेसबुक पर यौन उत्तेजक मैसेज भी भेजे। आरोपी ने अपने पद और ताकत का गलत इस्तेमाल करके दूसरे लोगों से जुड़े गुप्त दस्तावेज लीक किए और दूसरे लोगों को भी दिखाए।
तीन साल में कर डाले इतने कांड
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी को पांच महिलाओं के साथ शर्मनाक हरकतें करने के सात आरोपों में दोषी ठहराया गया। कोर्ट ने सजा सुनाते हुए कहा कि आरोपी को 10 साल के लिए यौन अपराधियों की सूची में शामिल किया जाएगा और जेल में सजा काटने के बाद भी वह दो पीड़ितों से नहीं मिलेगा।
रीड को महिलाओं का पीछा करने के दो मामलों, अश्लील मैसेज भेजने के तीन और यौन अपराध व डाटा चोरी के एक-एक आरोपों में दोषी ठहराया गया। उसने इन घटनाओं को 2010 से 2013 के बीच अंजाम दिया।
उसने एक पेट्रोल पंप पर अकेले काम करने वाली पीड़िता को कई बार परेशान किया। उसने एक अन्य महिला का भी उसके घर तक कई बार पीछा किया और उसे पब में चलने का ऑफर भी दिया। उसने करीब छह महीने तक उसे ऑनलाइन मैसेज भी भेजे।
फेसबुक पर डाला जज्बाती स्टेटस
आरोपों में घिरने के बाद रीड ने फेसबुक पर लिखा, "मैं एक अच्छे इंसान की तरह पेश आ रहा था लेकिन अब मैं लिंग भेद के आरोप में फंस सकता हूं। अगर लोग चाहें तो मैं सफाई भी दे सकता हूं। अगर किसी ने बिना मुझसे बात किए मेरे बारे में कोई अवधारणा बना ली है तो वह उसकी समस्या है।"
उसने आगे लिखा कि अगर कोई उसे पसंद नहीं करता तो वह उसे फेसबुक से डिलीट कर सकता है। लेकिन इस दुनिया में अच्छा इंसान बनकर रहना कठिन है।
आरोपी कांस्टेबल ने कहा कि जब भी कोई महिला अपने कपड़े उतारती है उसे प्रमोशन मिल जाता है लेकिन जब कोई पुरुष ऐसा करता है तो उस पर अनुशासन और कार्रवाई शुरू हो जाती है।
आरोपी को कोर्ट ने सुनाई खरी-खरी
बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि उसने जो कुछ भी किया वह उसे स्वीकार कर रहा है। उसने कहा कि फेसबुक पर मैसेज भेजते समय उसे जरा भी अहसास नहीं था कि लड़कियां इसके लिए उसकी शिकायत कर सकती हैं। उसने मानसिक परेशानी की वजह से ऐसा किया और घटनाओं के वक्त वह शराब के नशे में था।
आरोपी को सजा सुनाते वक्त कोर्ट ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि एक पुलिस अधिकारी ऐसा काम कर रहा है। उसे जवान लड़कियों की जिंदगी से खेलने में मजा आता था।
कोर्ट ने यह भी कहा कि रीड ने अपनी यौन इच्छाओं की पूर्ति के लिए कानून तोड़े और मासूम लड़कियों को परेशान किया। उसने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। एक पुलिस अधिकारी होने के चलते कोई भी मासूम लड़की उसके खिलाफ शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगी।