एक सिपाही तीन बदमाशों के साथ एक बच्चे को अगवाकर भाग रहा था। तभी लोगों ने उसकी कार रोक ली और बच्चे को उनकी चंगुल से छुड़ा लिया। उसके बाद लोगों ने सिपाही और उसके एक साथी की जमकर धुनाई की।
उसके बाद लोगों ने उसकी कार भी फूंक दी। दो बदमाश मौके से भाग निकले। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने फायरिंग की, लेकिन सीओ ने फायरिंग से इनकार किया है।
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यह घटना उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की है।
नरौरा के गांव रतनपुर निवासी सुरेश चौधरी ईंट भट्ठे पर मुनीम हैं। बुधवार शाम करीब साढ़े 6 बजे सुरेश का पुत्र पंकज (13) दवा लेकर घर लौट रहा था। गांव से गरीब 500 मीटर दूर डिबाई रोड पर कार सवार चार बदमाशों ने पंकज को पीटकर कार में डाल लिया और भागने लगे।
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इसी बीच उधर से गुजर रही टाटा-407 के ड्राइवर ने देख लिया और कार को ओवर टेक कर कार के आगे गाड़ी लगा दी। चालक के शोर मचाने पर मौके पर पहुंचे बालक के पिता सुरेश चौधरी और ग्रामीणों ने बदमाशों को घेर लिया। खुद को घिरा देख बदमाश पंकज को छोड़ खेत की ओर भागने लगे।
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आक्रोशित ग्रामीणों ने दो बदमाशों को दबोच लिया और जमकर पीटा। गुस्साए ग्रामीणों ने बदमाशों की कार को आग लगा दी। ग्रामीणों का आरोप है कि पकड़ा गया बदमाश एक सिपाही नरेंद्र है जो नरौरा थाने में तैनात है। दूसरा बिलौना का रहने वाला है।
सूचना के बाद नरौरा, डिबाई, रामघाट, दानपुर समेत आधा दर्जन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची, जिसने ग्रामीणों को भगाने के लिए लाठियां फटकारीं। जवाब में ग्रामीणों ने पथराव किया।
आरोप है कि पुलिस ने हवा में कई राउंड फायरिंग की। सीओ आरएल निरंजन ने फायरिंग से इनकार किया है। एसपी देहात विजय गौतम का कहना है कि बालक के अपहरण के प्रयास और कार फूंकने की सूचना मिली है, जिस सिपाही का नाम आ रहा वह शराबी प्रवृति का है। सिपाही वहां कैसे पहुंचा इसकी जांच की जा रही है।