ये चौकाने वाला मामला अमेरिका से है। जहां एक प्राइवेट टीवी चैनल के खूफिया कैमरे में वो सच कैद हुआ है जिसे जानकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। इस स्टिंग ऑपरेशन में मेडीकल फर्म और उन मां-बाप की वो काली-करतूत छिपी है जो इंसानियत को शर्मसार करती है।
खूफिया कैमरे में कैद स्टिंग में अवैध बाजार और उन डॉक्टरों की हैवनियत बयां की गई जो भोली-भाली जनता को बहला-फुसला कर करोड़ों का अवैध धंधा करते हैं, साथ ही वो मां-बाप जो पैसे के लालच में भ्रूण को बेच देते हैं।
वीडियो में दिखाया गया है कि एक मां से मेडीकल रिसर्च के लिए भ्रूण लिया जाता है। फिर अवैध बाजार में उसकी कीमत तय कर दी जाती है। ये बदनुमा दाग लगा है अमेरिका की डॉक्टर माइल्स जोन्स की फर्म पर।
मानव भ्रूण का धंधा करने वाले हुए बेनकाब
साल 2000 में नेशनल राइट टू लाइफ ने मेडीकल रिसर्च के लिए उन भ्रूणों के इस्तेमाल की बात की थी जो दुर्भाग्यवश महिलाओं को अबॉर्ट कराने पड़ जाते हैं। कभी किसी बीमारी के चलते तो कभी अन्य किसी कारण से। इस प्रस्ताव को मेडिकल इंडट्री ने लागू किया।
इसके बाद कई फर्म भ्रूण को सप्लाई करने लगीं। इन्हीं में से एक डॉक्टर माइल्स जोन्स ने कंसास और मिड मिजूरी से भ्रूण के लेन-देन के लिए करार किया। लेकिन बाद में एक प्राइवेट चैनल के स्टिंग में हैरचअंगाज सच सामने आया।
पता चला कि अवैध बाजार में उन भ्रूणों को बेचकर पैसा बनाया जा रहा है। जिन्हें मेडिकल रिसर्च में इस्तेमाल किया जाना था। पेंसिल्वानिया विश्वविद्यालय के ऑर्थर कैपलन कहते हैं कि इसमें कोई संदेह नहीं कि अवैध बाजार में मानव शरीर के अंग बेचे जाते हैं।
सड़कों पर उतरे लोग
मानव भ्रूण के धंधे का सच सामने आने के बाद अमेरिका में लोग सड़कों पर उतर आए है। 43 राज्यों के 180 शहरों से लोगों ने इस करतूत का जोर-शोर से विरोध प्रदर्शन किया है।
सामाजिक संगठन प्रो लाइफ सोसायटी की एक समर्थक मोनिका कहती हैं कि इससे बड़ा स्कैंडल उन्होंने अब तक नहीं देखा। हम सभी को इस तरह की गतिविधियों का पुरजोर विरोध करना चाहिए।