इलाहाबाद के दामूपुर गांव में एक प्रेम कहानी का भयावह अंत हो गया। युवती के घरवालों ने पहले तो उसके प्रेमी नाजिम को बेरहमी से मार डाला।
बुधवार को खेत में नाजिम का शव मिलने पर प्रेम का यह किस्सा चर्चा-ए-आम हुआ तो रात में कातिलों ने अपनी बेटी आयशा का भी कत्ल कर दिया।
उसे पहले गला घोंटकर मारा। फिर शव को जलाने की भी कोशिश की। जलाने में सफल नहीं हुए तो बेटी की लाश दुपट्टे के फंदे से लटका दी।
सुबह पुलिस खबर पाकर पहुंची तो युवती की मां और बहन ने कहा कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। मगर पुलिस को कपड़े से मिट्टी के तेल की बदबू आने से शक हो गया।
शाम को पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी साफ हो गया कि घरवालों ने ही बेटी का गला घोंट दिया था। पुलिस को युवती के तीन फरार भाइयों पर शक है। मां और बहन पर भी हत्या में मदद का संदेह है। पिता तो रात में धूमनगंज पुलिस की हिरासत में था।
प्रेम कहानी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दामूपुर गांव निवासी आरिफ के बेटे नाजिम (26) और इब्राहिम की बेटी आयशा (19) के इश्क की भनक गांव वालों को काफी पहले लग चुकी थी। आयशा के घरवालों को पता चला तो उसके भाइयों ने नाजिम को कई बार धमकाया। मगर वे चोरी-छिपे मिलते रहे।
नाजिम घरों में टाइल्स और मारबल लगाने का काम करता था। वह शनिवार को घर से निकलने के बाद लापता हो गया। परिजनों ने खोजबीन की मगर वह नहीं मिला। मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ बताने लगा। बुधवार को दामूपुर में ही बाजरा के खेत में नाजिम का शव मिला तो उसकी हत्या का पता चला।
नाजिम के घरवालों ने पुलिस को आयशा से अपने बेटे के इश्क की जानकारी दी। आयशा के ही भाई इमरान और मौसेरे भाइयों उस्मान, सुफियान पर शक जताया। वे तीनों फरार हैं। पिता इब्राहिम को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
बुधवार को पुलिस ने छापा मारा था तब आयशा के बाकी दोनों भाई भी घर से नदारद थे। अभी पुलिस नाजिम के कत्ल में आयशा के सगे और मौसेरे भाइयों को खोज रही थी, इसी बीच बुधवार रात ही आयशा को भी मार डाला गया।
बृहस्पतिवार सुबह पुलिस को खबर मिली कि आयशा ने फांसी लगा ली। धूमनगंज पुलिस घर पहुंची तो आयशा का शव पंखे में बंधे दुपट्टे के फंदे से लटका था। पुलिस ने मां परवीन बेगम और बड़ी बहन नज्जी से पूछा तो उन दोनों ने कहा कि आयशा ने भोर में फांसी लगा ली थी।
मगर पुलिस को शव के निरीक्षण से मां और बहन के बयान पर शक हो गया। नज्जी के शरीर से मिट्टी के तेल की बदबू आ रही थी। उसके पीठ और सीने पर फफोले थे। गले पर चौतरफा दबाव का निशान (लिगरेचर मार्क) था जबकि फांसी लगाने पर गले के सामने के हिस्से में ही निशान होता है।
शाम को डॉक्टरों ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया तो पता चला कि आयशा के गले की हड्डी (हायड बोन) टूटी थी। उसके शरीर पर जलने के घाव मौत के बाद (पोस्टमार्टम इंजरी) थे। यानी गला घोंटकर मारने के बाद उसका शव जलाने की कोशिश की गई थी।
अब पुलिस का कहना है कि आयशा के घरवालों ने समाज में बदनामी की वजह से पहले प्रेमी नाजिम को फिर अपनी बेटी को भी बेरहमी से मार डाला। वह पांच बेटियों में सबसे छोटी थी। पुलिस का कहना है कि पिता तो हिरासत में था। हत्या में शक के घेरे में आयशा के तीनों फरार भाई इमरान, ननका, छोटू और मां-बहन हैं।