एक छात्रा मार्कशीट लेने के लिए स्कूल जा रही थी तभी एक टीचर ने उसे अपनी बाइक पर लिफ्ट दी। लेकिन वह स्कूल ले जाने के बजाए छात्रा को मुंबई लेकर चला गया। उसने दोस्तों के साथ मिलकर छात्रा की अस्मत लूट ली।
स्थानीय कोर्ट ने आरोपी टीचर और उसके दो साथियों को 10-10 साल जेल की सजा सुनाई है। यह घटना उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की है।
मामला वर्ष 2010 का है। बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद पुरकाजी की रहने वाली छात्रा मार्कशीट लेने स्कूल गई थी। शिक्षक सचिन कुमार ने छात्रा को बाइक पर लिफ्ट दी। इसके बाद वह उसे लेकर रामपुर पहुंच गया।
वहां से वह छात्रा को लेकर अन्य दो युवकों राहुल और नीटू के साथ मुंबई चला गया। इस पर छात्रा के पिता ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अंजुम खान ने बताया कि प्रकरण की सुनवाई एडीजे कोर्ट संख्या 15 में हुई। न्यायाधीश हरीश त्रिपाठी ने तीनों अभियुक्तों पर धारा 363, 366 और 376 में दोष सिद्ध कर 10-10 साल की कैद और 17-17 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
पीड़िता को मुंबई से एक माह बाद बरामद किया गया था। आरोप लगाया गया था कि पीड़िता के पिता से पांच लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी गई थी, लेकिन अदालत में यह आरोप सिद्ध नहीं हो सका।