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एक थप्पड़ ने ली असमा की जान, पढ़िए होश उड़ा देने वाला खुलासा

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अपने चटक लहजे व जिद्दी स्वभाव के चलते एएमयू में खासी पहचान बनाने वाली असमा जावेद की यही आदतें उसकी जान की दुश्मन बन गईं। पिछले 24 घंटे में इसी उधेड़बुन में जुटी पुलिस ने असमा के एक ऐसे करीबी हमदर्द पर शिकंजा कस लिया है, जो बुधवार शाम तक परिवार के साथ हमदर्दी में खड़ा था।
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हालांकि अभी पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है। मगर पता चला है कि एक थप्पड़ ने असमा की जान ले ली। पुलिस ने असमा का टैबलेट, मोबाइल व चाभियां भी बरामद कर ली हैं। उम्मीद है कि शुक्रवार को इस पूरी घटना से पर्दा उठा दिया जाएगा।

बेहद आसानी से गहराया करीबी पर शक
इन दिनों पुराने शहर के देहली गेट इलाके का एक युवा हार्डवेयर व प्रापर्टी व्यापारी असमा का करीबी दोस्त था। कभी बसपा तो कभी सपा नेताओं के साथ खड़ा रहने वाला यह युवा असमा को हाथरस लाने-ले जाने से लेकर उसकी तमाम जरूरतों को पूरा करने पर भी ध्यान देता था।
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उसे मौत से पहले तक अक्सर शहर में असमा को बाइक पर बैठाकर घुमाते देखा गया। बुधवार दोपहर जब पुलिस ने लाश बरामद की तब वह असमा के परिजनों के साथ हमदर्द बनकर खड़ा था। तभी पुलिस के जेहन में एक सवाल कौंधा कि इतने करीबी को लाश मिलने से पहले तक असमा की याद क्यों नहीं आई।

इसके अलावा असमा व इस करीबी के सेल नंबर की कॉल डिटेल के आधार पर उस पर शक और ज्यादा गहरा गया। इसके बाद जब बृहस्पतिवार सुबह उसे पूछताछ के लिए बुलाया तो वह ज्यादा देर तक पुलिस को चकमा नहीं दे सका और एक-एक कर पूरी बात पुलिस को बता दी।

शनिवार को ही मार दिया गया असमा को

पुलिस के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो शनिवार को ही इस करीबी ने ही असमा के बैंक एकाउंट से एटीएम की मदद से रुपये निकाले। इन तमाम साक्ष्यों के साथ जब उससे पूछताछ शुरू हुई तो उसने शनिवार को ही असमा की हत्या की बात स्वीकार ली।

पुलिस सूत्रों की मानें तो शनिवार को वह असमा के फ्लैट अलहम्द अपार्टमेंट सी-8 में मौजूद था। तभी बातचीत के दौरान कुछ पुरानी बातें कुरेदने लगा। असमा ने चटक स्वभाव के चलते जवाब दे दिया कि तुम्हें क्यों बताऊं। बस इसी बात पर कुछ विवाद हुआ और गुस्से से तमतमाई असमा ने इस करीबी दोस्त के थप्पड़ जड़ दिया।

बस फिर क्या था, झगड़े में असमा को गला दबाकर मार दिया। इसके बाद खुद ही उसका टैबलेट, मोबाइल लेकर बाहर से ताला लगाकर चाभियों सहित गायब हो गया। जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है। दिन भर पूछताछ के बाद पुलिस व एसओजी टीम इस करीबी दोस्त के साथ असमा के फ्लैट पर भी गई। जहां तमाम पहलुओं पर जांच-पड़ताल की।
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दूसरे दिन गोल्डन रेस्टोरेंट संचालक के बेटे ने निकाली भड़ास

बुधवार को आसमा की मौत के खुलासे के बाद उसके भाई सलमान द्वारा गोल्डन रेस्टोरेंट के मालिक के बेटे अकरम पर आरोप लगाए जाने के दूसरे दिन यानि बृहस्पतिवार को अकरम ने अपनी भड़ास निकाली। अकरम ने मीडिया को बताया कि यह सही है कि असमा की उससे दोस्ती थी और इसी दोस्ती में उसने एक झूठा मुकदमा भी दर्ज कराया था।

अकरम ने असमा द्वारा अदालत में दिए गए 164 के बयान की प्रति मीडिया को दिखाते हुए बताया कि इस बयान में साफ लिखा है कि उसका हमसे कोई विवाद नहीं। बस वह यह गलतफहमी मान बैठी थी कि अकरम उससे शादी करेगा। इसी गलतफहमी में मुकदमा दर्ज करा दिया।

इसके बाद फिर मामूली विवाद के चलते वह आरोप लगा रही थी, जबकि असमा की दोस्ती इन दिनों देहली गेट इलाके के एक अन्य युवक से थी। उसी के साथ असमा के दिन के 24 घंटे में से ज्यादातर समय बीतता था। उसने खुद पर भाई द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद बताते हुए कहा कि किसी भी एजेंसी से जांच करा ली जाए, जिसके लिए वह तैयार है।
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