यूपी का लखीमपुर खीरी। 26 वर्षीय संतोष यादव का उसी के चाचा बृजलाल ने बांके से प्रहार कर सिर धड़ से काट डाला। दिनदहाड़े हुई हत्या की इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई, सूचना पाकर आनन-फानन में मौके पर पहुंची पुलिस ने खून से सना बांका बरामद कर आरोपी चाचा बृजलाल को गिरफ्तार कर लिया।
मृत युवक की दादी लीलावती की तहरीर पर बृजलाल और उसके दो पुत्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कई और गांव वालों को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है।
दरअसल, अभी तक जो मामला सामने आ रहा है उसके अनुसार, संतोष की हत्या चार बीघे जमीन की खातिर की गई। पुलिस के मुताबिक गुरुवार की सुबह छह बजे संतोष घर से निकलकर खेत की ओर गया तो उसके पीछे-पीछे चाचा बृजलाल भी बांका लेकर पहुंच गया।
वहां दोनों का आपस में विवाद भी हुआ, जिसके बाद बृजलाल ने बांके से संतोष की गर्दन पर जोरदार प्रहार कर दिया, इससे संतोष का सिर धड़ से अलग हो गया और वह जमीन पर गिर गया। गांव के कुछ लोगों ने जब संतोष का रक्तरंजित शव देखा तो इसकी सूचना घरवालों और पुलिस को दी।
फैसला आने से पहले ही रास्ते से हटाया
इसके बाद एएसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह, सीओ मितौली मिथिलेश कुमारी दीक्षित, एसओ राजकुमार यादव मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने हत्या के आरोपी चाचा बृजलाल को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में संतोष की दादी और आरोपी की मां लीलावती की तहरीर पर पुलिस ने बृजलाल, उसके पुत्र अशोक और दूसरे पुत्र उमेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज करायाकर लिया है। वहीं पुलिस गांव के ही कुछ और लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस का कहना है कि मृतक संतोष के बाबा बाबूराम के दो पुत्र देशराज और बृजलाल थे। बाबूराम की मौत के बाद उनकी आठ बीघे जमीन का तीन हिस्से में बंटवारा हुआ। एक हिस्सा देशराज के पुत्र संतोष को मिला, दूसरा हिस्सा बृजलाल को तीसरा हिस्सा बाबूराम की पत्नी लीलावती को मिला।
बताते हैं लीलावती ने तीन माह पहले अपने हिस्से की जमीन की वसीयत संतोष के दो पुत्रों के नाम कर दी। इस बात की भनक लगने पर बृजलाल ने लीलावती से चार बीघा जमीन की मांग की लेकिन जब जमीन नहीं मिली तो बृजलाल ने तहसील में मुकदमा दायर कर दिया। मुकदमें मे खुद का पक्ष कमजोर देख बृजलाल परेशान हो गया और गुरुवार की सुबह खेत पर संतोष की गला काटकर हत्या कर दी।
दलित युवक को गोलियों से भूना
एक अन्य खबर के अनुसार झांसी के सीपरी बाजार थानांतर्गत गांव कोट बेहटा में बृहस्पतिवार की रात एक दलित युवक की गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई। वारदात की वजह हत्या के प्रयास के एक मामले में समझौता नहीं करना बताया जा रहै है। परिजनों का आरोप है कि काफी समय से हत्या की धमकी मिल रही थी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
जिला पंचायत के पूर्व सदस्य विनोद कुमार दोहरे पुत्र घनश्याम दास दोहरे पर वर्ष 2010 में जानलेवा हमला किया गया था, जिसका केस न्यायालय में विचाराधीन है। मृतक युवक के परिजनों का आरोप है कि इस मामले में आरोपी काफी समय से समझौते के लिए दबाव बना रहे थे।
इसके चलते कई बार हत्या करने की धमकी भी दी गई। इसकी सूचना थाना पुलिस के अलावा अधिकारियों को भी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण बेखौफ आरोपियों ने योजना के तहत विनोद कुमार दोहरे के छोटे भाई सुदीप कुमार दोहरे उर्फ संजू (35) को रात के समय गांव के भुनिया बाबा मंदिर के पास घेर लिया।
हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। तीन गोलियां सुदीप के सिर में लगी और एक पीठ व पेट के बीच में लगी। इस बीच हमलावरों ने धारदार हथियार से भी प्रहार किया, जिससे सुदीप मौके पर ही ढेर होकर गिर पड़ा। ताबड़तोड़ फायरिंग और सुदीप की चीखपुकार को सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तब तक हमलावर भाग निकले। इस वारदात से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। कुछ देर में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। वारदात की सूचना पर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और सुदीप को मेडिकल कालेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।