क्षेत्र के रौली गांव के विपिन की 30 वर्षीय पत्नी सुनीता ने रविवार रात पति से मामूली बात पर अनबन के चलते पांच साल के बेटे अंशुमान और आठ वर्षीया बेटी अंशिवा को दूध में कीटनाशक पिलाने के बाद खुद भी जहर पी लिया।
सुनीता और अंशुमान की तो मौत हो गई जबकि दूध कड़वा महसूस होने पर उसे गिरा देने वाली अंशिवा की जान बच गई। मायके-ससुराल पक्ष में पुलिस कार्रवाई न करने की सहमति के बाद मां-बेटे का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
विपिन के अनुसार उनके साले विनोद की शादी 10 दिसंबर को होनी है। सुनीता ने शादी में जाने के लिए कुछ सामान खरीदने के वास्ते पांच हजार रुपये मांगे थे। एक हजार रुपये तो उसे दे दिए लेकिन बाकी कुछ रुककर देने की बात कही थी। सुनीता इससे नाराज थी।
रविवार रात सुनीता ने अंशुमान और अंशिवा को दूध में कीटनाशक पीने को दिया और खुद भी पी लिया। तीनों ही बेहोश होने लगे तो घर में हड़कंप मच गया। उनको प्राइवेट डॉक्टर के पास ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान सुनीता और अंशुमान की मौत हो गई।
विनोद के चाचा हरीशचंद्र को घर में कीटनाशक की खाली शीशी पड़ी मिली, उधर हालत में सुधार होने पर अंशिवा ने भी दादी-बाबा को बताया कि मम्मी ने उसे जो दूध दिया वह कड़वा लगा तो उसने जमीन पर उड़ेल दिया। इससे घरवालों को पता लग गया कि सुनीता ने दूध में कीटनाशक मिला कर बच्चों को पिलाने के बाद खुद भी पी लिया था।
बेटी और धेवते ही मौत की सूचना मिलते ही हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव चितौरा निवासी पप्पू सिंह अपने परिवार वालों के साथ रौली पहुंच गए। दोपहर बाद तक दोनों पक्षों के बीच चली गहमागमी के बाद सुनीता और मासूम बेटे का गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।