स्कूल के गेट पर हमेशा शोहदे खड़े रहते थे। आने-जाने वाली छात्राओं का पीछा करते और विरोध करने पर मारपीट तक की नौबत आ जाती। पुलिस से शिकायत पर एक दो दिन सिपाही चक्कर लगा जाते लेकिन हालात वही रहे।
आखिर मुरादाबाद के रामचंद्र शर्मा इंटर कालेज की छात्राओं ने हौसला दिखाया। स्कूल की प्रिंसिपल मधुबाला त्यागी ने प्रेरित किया तो बना ली अपनी टीम। प्रधानाचार्य ने खुद ही खिलाड़ियों और तेज तर्रार लड़कियों को तैयार किया।
उन्हें शोहदों से निपटने के तरीके सिखाए। अब शिकायत मिलने पर यह टीम खुद ही कालेज से बाहर जाकर शोहदों पर अटैक करती है। उन्हें पहले समझाती है और न समझने पर होती है धुनाई।
शोहदों को खुद ही सिखा देती हैं सबक
सुरक्षा की जिम्मेदारी जिस पुलिस पर है जब वह बदमाशों का दुस्साहस नहीं तोड़ पाती तो अधिकांश लोग निराश हो जाते हैं। लेकिन कुछ ऐसे होते हैं कि परिस्थितियों के आगे झुकने के बजाय उन्हें बदलने का रास्ता खोज लेते हैं।
ऐसा ही कुछ किया रामचंद्र शर्मा कन्या इंटर कालेज की प्रधानाचार्या ने। चंद्रनगर में रामचंद्र शर्मा कन्या इंटर कालेज के आसपास लड़कियों से छेड़छाड़ बढ़ गई थी। प्रधानाचार्या मधुबाला त्यागी के सामने छात्राओं के साथ ही अभिभावकों में सुरक्षा का भाव भरने की चुनौती थी।
माहौल खराब था, जिसे बदलने के लिए समाज के लिए अराजक तत्वों से उलझना था। लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार किया। कई बार पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। तब उन्होंने अलग ही रास्ता अपनाया।
कालेज की प्रिंसिपल ने भी बढ़ाया हौसला
कालेज की खेलों में सक्रिय और तेज तर्रार छात्राओं की एक टीम बनाई। छात्राओं से छेड़छाड़ करने वालों की शिकायत आने पर उन युवकों को कालेज बुलवाया जाता। नहीं आने पर ये छात्राएं युवकों की बाइक की चाभी निकालने, टायर की हवा निकालना और जबरदस्ती खींचकर प्रधानाचार्या के सामने खड़ा करने का काम करने लगीं।
प्रधानाचार्या ने बताया कि पहले युवक को प्यार से समझाया जाता है, उसके और छात्रा के अभिभावकों से शिकायत करने के साथ ही पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी जाती है। अधिकांश युवक इतने पर सुधर जाते हैं।
इतने से बाज नहीं आने वाले युवकों की बीच सड़क पर छात्राएं धुनाई कर देती हैं। नतीजा ये रहा कि अब कालेज के आस पास का माहौल बदलने लगा। अब छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की शिकायतें कभी कभी ही आती हैं। कालेज के आसपास मंडराने वाले आवारा लड़कों के झुंड अब दिखाई नहीं देते।