गैंगरेप के बाद गर्भवती हुई नाबालिग को इंसाफ दिलाने के बजाय पंचायत उस पर ही जुल्म ढा रही है। चार चार भाइयों की दरिंदगी का शिकार हुई युवती सात महीने की गर्भवती है।
पंचायत ने युवकों की घिनौनी हरकत को नजरअंदाज करते हुए पीड़िता को 50 हजार रूपए देकर मामला रफादफा करने की कोशिश की है।
मामला बिहार के किसनगंज जिले का है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ित नाबालिग और उसकी मां ने शिकायत देकर बताया है कि गांव में ही रहने वाले चार भाइयों ने करीब सात महीने पहले उसके साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने को कहा।
गर्भपात कराने के लिए मजबूर कर रही पंचायत!
टीओआई के अनुसार, नाबालिग को जब गर्भवती होने का पता चला तो उसके होश उड़ गए। उसने पंचायत में मामले को उठाया लेकिन वहां भी इंसाफ नहीं मिला। पंचायत ने नाबालिग से 50 हजार रूपए लेकर गर्भपात कराने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया।
16 वर्षीय पीड़िता एक मजदूर की बेटी है, जोकि राजस्थान में रहकर काम करता है। जबकि उसकी पीड़िता की मां खेतों में काम करती है।
पुलिस अधिकारी श्वेता गुप्ता ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की छानबीन भी शुरू कर दी गई है। गैंगरेप के अरोपियों और पंचायत के सदस्यों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
एक ही समुदाय की कई लड़कियों से रेप
उन्होंने बताया कि पंचायत की ओर से धमकाए जाने के बाद लड़की डर गई थी। बिहार के इस इलाके में ऐसे ही करीब आधा दर्जन मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।
गुप्ता ने बताया कि उनके आने के बाद से क्षेत्र की करीब 5 लड़कियों ने रेप के बाद गर्भवती होने की शिकायत दर्ज कराई है। इनमें से सभी लड़कियां एक समुदाय से जुड़ी हैं। यह बात काफी चौंकाने वाली है कि लड़कियों ने रेप के बाद अपने परिजनों को कुछ भी नहीं बताया।
रेप की घटनाओं का खुलासा तब हुआ जब कुछ महीने बाद लड़कियों के गर्भवती होने का पता चला। इलाके में इस समुदाय के लोगों की संख्या काफी कम है।