मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही एक छात्रा ने मंगलवार दोपहर फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव हॉस्टल के कमरे में फांसी से लटका हुआ मिला।
पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने जिंदगी से तंग आने की बात लिखी है। पुलिस ने घटना की जानकारी उसके परिजनों को दे दी है। सुल्तानपुरी निवासी मृतका के पिता दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे पुलिस को सूचना मिली कि मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की हॉस्टल में एक छात्रा ने फांसी लगा ली है। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया।
छात्रा कमरे में चुन्नी के फंदे से पंखे पर लटकी हुई थी। पुलिस ने उसके शव को कब्जे में लिया। छात्रा की पहचान दीप ज्योति (23) के रूप में हुई। वह एमबीबीएस मेडिसिन द्वितीय वर्ष की छात्रा थी।
जांच में पता चला कि मंगलवार दोपहर एक दोस्त उससे मिलने पहुंची। काफी खटखटाने के बाद अंदर से आवाज नहीं आने पर उसने अन्य साथियों को बताया। उसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
सुसाइड नोट
कमरे की छानबीन के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। अंग्रेजी में लिखे इस नोट लिखा है कि उसके मन में किसी के प्रति गलत धारणा नहीं है। वह जिंदगी से तंग आ गई है, इसलिए खुदकुशी कर रही है। इसके लिए कोई जिम्मेवार नहीं है।
ज्योति के पिता करमचंद दिल्ली पुलिस में बतौर हवलदार कार्यरत हैं और उनकी तैनाती पहली बटालियन में है। दोस्तों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि वह कुछ दिनों से डिप्रेशन में थी। लेकिन डिप्रेशन के कारणों के बारे में किसी को जानकारी नहीं है।