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प्रेमी के साथ भागी पत्नी, 9 साल बाद लिया 'बदला'

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नौ साल से पति-पत्नी की तरह रह रहे युगल और उनकी तीन साल की बेटी की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। हथियारों से लैस हमलावरों ने मृतक के भाई पर भी जानलेवा हमला किया, लेकिन वह बाल बाल बच गया।
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इस सनसनीखेज वारदात से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा है। डीआईजी और एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। मृतक के भाई ने मृत महिला के पूर्व पति, बेटे सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

घटना इटावा में ऊसराहार थाना क्षेत्र के गांव इकघरा की है। जहां परशुराम यादव (55) पुत्र हाकिम सिंह अपनी कथित पत्नी विमला (45) व तीन वर्षीय पुत्री हिमांशी के साथ घटना वाली रात अपने मकान की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में सो रहे थे।
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रात करीब 12 बजे चार लोग सीढ़ियों के रास्ते से छत पर चढ़ गए। हमलावरों ने सो रहे परशुराम, विमला और मासूम हिमांशी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।

बहन की देवरानी से बने संबंध

फायरिंग सुनकर पड़ोस में रह रहे परशुराम के भाई जयराम यादव ने शोर मचाया तो हमलावरों ने उसके दरवाजे को भी तोड़ने का प्रयास किया और गोलियां चलाईं। फायरिंग व जयराम की चीख पुकार सुनकर गांव के लोगों ने शोर मचाना शुरू किया। इस पर हमलावर भाग खड़े हुए।

हमलावरों के भागने के बाद जयराम ने मौके पर जाकर देखा तो तीनों की मौत हो चुकी थी। उन्होंने इसकी सूचना तत्काल ऊसराहार थाना पुलिस को दी। तिहरे हत्याकांड की जानकारी होते ही एसएसपी डॉ. राकेश सिंह, एएसपी सर्वानंद यादव के अलावा आसपास के थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। सुबह बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस ने रात में ही शवों को पोस्टमार्टम के लिए इटावा भिजवा दिया।

जयराम ने बताया कि परशुराम की पहली पत्नी की दस वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। पत्नी की मौत के बाद वह चौबिया थाना क्षेत्र के गांव गंगापुरा में अपनी बहन इमरता के यहां रहने लगा था। तभी परशुराम के संबंध बहन की देवरानी विमला से हो गए थे।
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भागकर पहुंचे थे दिल्ली

नौ वर्ष पूर्व परशुराम अपने साथ विमला को भगाकर दिल्ली ले गया और वहीं रहने लगा। कुछ समय बाद दोनों के कोर्ट मैरिज करने की बात सामने आई। तीन वर्ष पूर्व विमला ने हिमांशी को जन्म दिया।

भाई ने बताया कि वह करीब आठ माह पूर्व गांव लौटे थे। यहां आने के बाद परशुराम का विमला के पूर्व पति रामकिशन व उनके पुत्रों से विमला को वापस भेजने को लेकर विवाद हुआ था। परशुराम के इंकार करने पर रामकिशन व उसके पुत्र धर्मेंद्र ने जान से मारने की धमकी दी थी।

जयराम की तहरीर पर पुलिस ने गंगापुरा गांव निवासी रामकिशन पुत्र पुलप सिंह, उसके बेटे धर्मेंद्र व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।

एसएसपी डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि पूर्व पति और बेटे ने अपने साथियों के साथ हत्याकांड को अंजाम दिया है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। सभी को गोली काफी नजदीक से मारी गई हैं।
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