नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड का सात दिन पहले पटना से अपहरण हो गया। वह अब रेवाड़ी पुलिस की गिरफ्त में है।
बिहार पुलिस ने अपहरण करने वाले तीन आरोपियों को रविवार को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर छानबीन शुरू कर दी।
40 लाख की फिरौती
पटना के रहने वाले व्यापारी का सात लोगों ने 16 नवंबर को अमन होटल से अपहरण कर लिया था। उसे गुड़गांव लाकर अपहर्ताओं ने उसके परिवारवालों से 40 लाख रुपए की फिरौती मांगी। पटना से सात सदस्यों की टीम शनिवार की रात सदर थाना पहुंची। वहां पर कुछ और ही मामला निकला।
सदर थाना प्रभारी अशोक डागर के अनुसार कुछ युवक प्रणव झा नामक एक आरोपी को लेकर सदर थाने आए थे। उसे तीन लोग रोके हुए थे और दूसरे चले गए। उनका कहना था कि वह जिसे पुलिस को सौंप रहे हैं, वह नौकरी दिलाने के नाम पर कई स्थानों से करोड़ों रुपए की ठगी कर चुका है।
ठगी का आरोप
सदर थाना पुलिस ने जब पता किया तो वह दो साल पहले दर्ज ठगी का आरोपी निकला। इसी दौरान पटना पुलिस भी सदर थाना पुलिस के संपर्क में आई। उसने अपहरण का मामला दर्ज होने की बात कही। सदर थाना पुलिस ने प्रणव झा को रेवाड़ी पुलिस को सौंप दिया।
बिहार पुलिस करण सिंह निवासी फतेहाबाद, धर्मपाल निवासी नरवाना व नरेश को तीन दिन के ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पटना रवाना हो गई।
नौकरी का झांसा
प्रणव झा ने हरियाणा के अलग-अलग जिलों के सैकड़ों युवाओं से केंद्र में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी की थी। वह हर क्षेत्र में एक एजेंट तैयार करता था। उसके माध्यम से पैसा लेकर पटना में सफेदपोश जिंदगी जी रहा था।