उत्तर प्रदेश में बागपत के धनौरा गांव में पांच साल से चल रही सोनू और गुनगुन की प्रेम कहानी का सोमवार रात बड़ा ही दर्दनाक अंत हो गया।
गुनगुन के घर के एक कमरे में उसकी लाश मिली और उसके पास ही सोनू खून से लथपथ मिला। सोनू ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
पुलिस का मानना है कि नौ फरवरी की गुनगुन की शादी तय हो जाने पर दोनों ने दुखी मन से एक दूसरे को मार डाला, लेकिन मौके के हालात इशारा कर रहे हैं कि इन प्रेम दीवानों को किसी और ने बड़ी ही बेरहमी से मारा है।
'साथ जीएंगे, साथ मरेंगे'
हलवाई श्यामसुंदर गुप्ता की एमए पास बेटी राधिका उर्फ गुनगुन का गांव के ही भोपाल के इंटर पास बेटे सोनू (22) कई बार घर से जा चुके थे। दोनों ने खुल्लम-खुल्ला ऐलान कर रखा था कि साथ जीएंगे और साथ ही मरेंगे।
लेकिन गुनगुन के परिवार को प्यार का यह रिश्ता मंजूर नहीं था। उन्होंने गुनगुन की शादी मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में नौ फरवरी की तय कर दी थी। पुलिस के मुताबिक गुनगुन ने शादी तय किए जाने का विरोध किया, लेकिन उन्होंने उसकी नहीं सुनी।
श्याम सुंदर के पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि रात को करीब नौ बजे चीख-चिल्लाहट सुनकर वहां पहुंचे तो एक कमरे का दरवाजा टूटा पड़ा था। अंदर गुनगुन की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। उसी के पास घायल पड़ा सोनू आखिरी सांस ले रहा था। उसे तुरंत बड़ौत सीएचसी ले जाया गया। वहां से हायर सेंटर रेफर किया गया लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
क्या दोनों की हत्या हुई है?
घटना का कोई चश्मदीद न होने के चलते सभी अब बस अनुमान लगा रहे हैं। एसपी जितेंद्र शाही का कहना है कि ऐसा लग रहा है कि प्रेमी-प्रेमिका ने एक-दूसरे को ही मार डाला। दरवाजा अंदर से बंद था, इसलिए यह आशंका नहीं है कि उन्हें किसी और ने मारा।
दूसरी ओर, श्याम सुंदर ने इस मामले में सोनू के खिलाफ राधिका की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है, इसमें सोनू की मौत का जिक्र नहीं है। सोनू के पिता भोपाल का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि उनके बेटे की हत्या कैसे हुई और किसने की?
उधर, स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में बताया कि राधिका के सीने में गोली लगी हुई थी, हाथ की नस कटी हुई थी और गले पर कटने के निशान थे। इसी तरह सोनू के हाथ की नस कटी हुई थी। गला रेता हुआ था। इससे आशंका है कि दोनों को किसी और ने मारा।