चेन्नई से नई दिल्ली जा रही गाड़ी संख्या 12621 डाउन तमिलनाडु एक्सप्रेस में बुधवार की रात सशस्त्र बदमाशों ने जम कर लूटपाट की। इस दौरान एक महिला यात्री से बीस तोला सोना व नकदी लूट ली, जबकि कुछ अन्य यात्रियों को भी निशाना बनाया।
दतिया और सोनागिर स्टेशनों के मध्य तकरीबन आधे घंटे तक चेन पुलिंग कर बदमाशों ने ट्रेन रोके रखी और आराम से वारदात को अंजाम देते रहे। वारदात को लेकर यात्रियों में दहशत का माहौल रहा।
बुधवार- बृहस्पतिवार की रात करीब एक बजे तमिलनाडु एक्सप्रेस दतिया स्टेशन से रवाना हुई। पांच मिनट बाद ही ट्रेन में सवार बदमाशों ने चेन पुलिंग कर गाड़ी को रोक लिया। ट्रेन के रुकते ही बदमाशों ने वातानुकूलित कोच ए टू व व ए थ्री में सवार यात्रियों के साथ लूटपाट शुरू कर दी।
महिला यात्री को बनाया निशाना
बदमाशों ने ए टू कोच की बर्थ संख्या 22 पर सवार महिला यात्री से बीस तोला सोना व नकदी लूट ली। वह नागपुर से निजामुद्दीन के लिए यात्रा कर रही थी। इसी तरह बदमाशों ने ए टू कोच की बर्थ संख्या पर 43 पर सवार यात्री का मोबाइल व तीन हजार रुपये व ए थ्री कोच की बर्थ नंबर 21 पर सवार यात्री का मोबाइल व चार हजार रुपये छीन लिए। कुछ अन्य यात्रियों को भी बदमाशों ने निशाना बनाया।
इस दौरान ट्रेन एक बार आगे भी बढ़ी, लेकिन बदमाशों ने दोबारा चेन पुलिंग कर गाड़ी रोक ली। ट्रेन में नियमित चलने वाले आरपीएफ स्क्वाएड के नहीं रहने का फायदा उठाते हुए बदमाश बेधड़क वारदात को अंजाम देते रहे। ट्रेन से उतरने के बाद बदमाशों ने ट्रेन पर पथराव भी किया, ताकि कोई यात्री कोच से उतरकर उनका पीछा नहीं कर सके।
ट्रेन खड़ी होने की सूचना मिलने पर आरपीएफ दतिया व सिविल पुलिस व घोराघाट की पुलिस भी मौके पर पहुंची। मगर, उन्हें वहां कोई जानकारी नहीं मिल पाई। ट्रेन के ग्वालियर पहुंचने पर यात्रियों ने आपबीती सुनाई। इसके बाद जीआरपी का एक स्क्वाएड ट्रेन के साथ में भेजा गया।
ट्रेन में नहीं थे सुरक्षा जवान
ट्रेन के ए टू कोच की बर्थ संख्या 22 पर सवार महिला से बदमाश बीस तोला सोना लूट ले गए, जबकि महिला ने सोने को पेट पर बांध रखा था। माना जा रहा है कि ट्रेन में सवार बदमाशों ने महिला को पेट पर सोना बांधते देख लिया होगा।
घटना से यह भी साफ है कि बदमाश ट्रेन के ही किसी कोच में यात्रा कर रहे थे। मौका पाते ही उन्होंने चेन पुलिंग की और आराम से घटना को अंजाम देने के बाद मौके से निकल गए।
रात के समय झांसी से गुजरने वाली अधिकतर ट्रेनों (खासकर लंबी दूरी व दक्षिण भारत की गाड़ियों में) आरपीएफ स्क्वाएड चलता है। इन दिनों आरपीएफ कंपनी को चुनाव ड्यूटी में भेजा गया है। इस कारण ट्रेनें बिना सुरक्षा के ही दौड़ रहीं हैं।