बागपत जिले के जौहड़ी गांव में रविवार शाम लापता हुए 12 साल के बालक की कुकर्म के बाद खुरपे से काटकर बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी गई।
सोमवार सुबह आठ बजे गांव के ही भट्ठे के चौकीदार कर्मवीर के घर से उसकी खून से लथपथ लाश बोरे में मिलने पर गांव वालों का खून खौल उठा।
हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी के नारे लगाते हुए शव सड़क पर रखकर बड़ौत-मेरठ मार्ग साढ़े चार घंटे तक जाम लगाए रखा। बाद में अफसरों ने तुरंत कार्रवाई का भरोसा देकर बवाल शांत कराया। इस मामले में भट्ठा मालिक समेत चार पर केस दर्ज हुआ है।
गुस्से से भरे गांव वालों ने लगाया जाम
दलित बालक के लापता होने पर उसकी तलाश के लिए मस्जिद से ऐलान भी कराया गया था। सोमवार सुबह गांव के ही कुछ बच्चों ने बताया कि उसे मूल रूप से खेड़ा हटाना निवासी भट्ठा चौकीदार कर्मवीर अपने साथ ले जा रहा था।
लोग जब सिरसली रोड पर कर्मवीर के घर पहुंचे तो वह भीड़ देखकर भाग निकला। भट्ठा मालिक एवं पूर्व प्रधान बबलू ने पहले कर्मवीर को बेकसूर बताया, लेकिन विरोध होता देख उसके घर का ताला तोड़ दिया।
वहां बालक की लाश बोरे में बंद मिली। उसके सिर और हाथों पर गहरी चोट थी। पास में ही वह खुरपा पड़ा था, जिससे उसे काटा गया। यह देख गुस्से से भरे गांव वाले बबलू के खिलाफ नारे लगाते हुए शव को लेकर बड़ौत-मेरठ रोड पहुंच गए और जाम लगा दिया।
हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित
बड़ौत विधायक लोकेश दीक्षित भी वहां पहुंच गए। दोपहर साढ़े 12 बजे तक हंगामा चला। बाद में एएसपी सुनील कुमार और एसडीएम राजेन्द्र सिंह ने तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाम खुला।
इस मामले में कर्मवीर और बबलू के अलावा जौहड़ी के ही सगे भाई सत्तू और धर्मवीर के खिलाफ हत्या की धारा में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
गांव वालों का कहना है कि बालक की हत्या कुकर्म के बाद की गई है। एएसपी ने बताया कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं।